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खतरे की जद में आया राइ्कां रातिरकेटी

Mon, 02 Jul 2018 11:08 PM IST
Updated Mon, 02 Jul 2018 11:08 PM IST
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खतरे की जद में आया राइ्कां रातिरकेटी

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बागेश्वर। मुख्यालय से 80 किमी दूर राजकीय इंटर कालेज रातिरकेटी खतरे की जद में है। विद्यालय भवन की छत ढहने की कगार पर है। छत को लकड़ी की बल्ली का सहारा देकर गिरने से बचाया जा रहा है। मानसून शुरू होते ही इस विद्यालय में पढ़ रहे छात्रों और शिक्षकों पर खतरा मंडरा रहा है।

लगभग 15 वर्ष पूूर्व इस विद्यालय भवन का निर्माण हुआ था। बनने के आठ साल बाद से ही भवन की छत क्षतिग्रस्त होनी शुरू हो गई। साल दर साल छत लगातार बैठ रही है। बचाव के लिए विद्यालय प्रशासन ने छत के नीचे लकड़ी की बल्ली का टेक लगाया है। शिक्षक-अभिभावक संघ और विद्यालय प्रबंधन समिति लगातार इस समस्या को उठाते आ रही है। तीन माह पूर्व गोगिना में बहुदेश्यीय शिविर में भी समस्या उठाई गई थी। तब प्रशासन ने जिला योजना के तहत मरम्मत का भरोसा दिया था।
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लेकिन अभी तक इसकी मरम्मत नहीं हो पाई है। अब बरसात का सीजन शुरू हो गया है। इससे स्कूल में पढ़ने वाले 203 छात्रों के साथ ही शिक्षकों पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। संघ अध्यक्ष विजय सिंह का कहना है कि इस संवेदनशील मामले में लापरवाही भारी साबित हो सकती है। शिक्षकों और अभिभावकों ने लापरवाही पर सवाल उठाए हैं।
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आगणन बनाने तक ही सिमटी है कार्यवाही
लोगों का कहना है कि तीन महीने पहले डीएम ने इसके मरम्मत के निर्देश दिए थे। इस पर आरईएस ने क्षतिग्रस्त विद्यालय भवन की मरम्मत का आगणन तैयार किया था। इसका आगणन बनाने में ही तीन माह गुजर गए। विभाग आगणन जिला योजना समिति को भेजा गया है।


कोट.....
विद्यालय भवन की मरम्मत के लिए आगणन तैयार कर लिया है। इसे जिला योजना समिति से अनुमोदित कर जल्दी ही इसकी मरम्मत कराई जाएगी। -रंजना राजगुरु जिलाधिकारी बागेश्वर
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