{"_id":"5aa95e104f1c1bc3758b564b","slug":"161521049104-bageshwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ताकुला गैस एजेंसी में शामिल करने पर आंदोलन की चेतावनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ताकुला गैस एजेंसी में शामिल करने पर आंदोलन की चेतावनी
Updated Wed, 14 Mar 2018 11:29 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागेश्वर। कठपुड़ियाछीना क्षेत्र के कुछ गांवों के लिए रसोई गैस की आपूर्ति ताकुला गैस एजेंसी से करने की सुगबुगाहट से लोगों में नाराजगी है। कठपुड़ियाछीना जन संघर्ष समिति ने बागेश्वर से हटाकर ताकुला गैस एजेंसी में शामिल करने पर आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है।
जन संघर्ष समिति कठपुड़ियाछीना के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह रावत का कहना है कि कभड़ा, बोहाला, पाना, असौं, तरमोली, रैखोली, घटगाड़ आदि क्षेत्रों की रसोई गैस की आपूर्ति ताकुला गैस गोदाम से करने की चर्चा हो रही है। उन्होंने इसे अनुचित बताया है।
उनका कहना है कि कठपुड़ियाछीना क्षेत्र बागेश्वर जिले में आता है जबकि ताकुला अल्मोड़ा जनपद में शामिल है। उन्हें सभी कार्यों के लिए बागेश्वर आना पड़ता है। ताकुला गैस एजेंसी में शामिल करने पर तमाम दिक्कतें उठानी पड़ेंगी। उन्होंने पूर्व की भांति जिला मुख्यालय से ही गैस की आपूर्ति जारी रखने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि यदि ताकुला गैस एजेंसी में उनको शामिल किया गया तो क्षेत्रवासी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
जन संघर्ष समिति कठपुड़ियाछीना के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह रावत का कहना है कि कभड़ा, बोहाला, पाना, असौं, तरमोली, रैखोली, घटगाड़ आदि क्षेत्रों की रसोई गैस की आपूर्ति ताकुला गैस गोदाम से करने की चर्चा हो रही है। उन्होंने इसे अनुचित बताया है।
विज्ञापन
उनका कहना है कि कठपुड़ियाछीना क्षेत्र बागेश्वर जिले में आता है जबकि ताकुला अल्मोड़ा जनपद में शामिल है। उन्हें सभी कार्यों के लिए बागेश्वर आना पड़ता है। ताकुला गैस एजेंसी में शामिल करने पर तमाम दिक्कतें उठानी पड़ेंगी। उन्होंने पूर्व की भांति जिला मुख्यालय से ही गैस की आपूर्ति जारी रखने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि यदि ताकुला गैस एजेंसी में उनको शामिल किया गया तो क्षेत्रवासी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
विज्ञापन