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जैव विविधता के लिए वन और वन्य जीवों का महत्व बताया
Updated Sat, 10 Mar 2018 10:28 PM IST
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कपकोट (बागेश्वर)। वन विभाग कपकोट की ओर से सरस्वती शिशु मंदिर मल्लादेश में वनाग्नि सुरक्षा गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बच्चों और शिक्षकों को जैव विविधता के लिए वन और वन्य जीवों के महत्व की जानकारी देते हुए वनों की आग से सुरक्षा करने का आह्वान किया।
वक्ताओं ने कहा कि गर्मी के मौसम में वनों में आग का खतरा बढ़ जाता है। वनों में कई लोग आग लगा देते हैं। इससे करोड़ों की वन्य संपदा जलकर राख हो जाती है। कई वन्य जीव भी मर जाते हैं। इससे जैव विविधता को खतरा पैदा हो जाता है।
जैव विविधता और पर्यावरण सुरक्षा के लिए वनों को आग से बचाया जाना जरूरी है। गोष्ठी में ग्राम प्रधान प्रेम सिंह राणा, वन दरोगा नंदा बल्लभ तिवाड़ी, प्रधानाचार्य मदन गिरी गोस्वामी, दिनेश सिंह फर्त्याल, राजेंद्र सिंह, भारती कोरंगा, कमला कोरंगा, भूपाल सिंह, लछम लाल, प्रेम सिंह, राजेंद्र सिंह, हयात सिंह आदि थे।
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वक्ताओं ने कहा कि गर्मी के मौसम में वनों में आग का खतरा बढ़ जाता है। वनों में कई लोग आग लगा देते हैं। इससे करोड़ों की वन्य संपदा जलकर राख हो जाती है। कई वन्य जीव भी मर जाते हैं। इससे जैव विविधता को खतरा पैदा हो जाता है।
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जैव विविधता और पर्यावरण सुरक्षा के लिए वनों को आग से बचाया जाना जरूरी है। गोष्ठी में ग्राम प्रधान प्रेम सिंह राणा, वन दरोगा नंदा बल्लभ तिवाड़ी, प्रधानाचार्य मदन गिरी गोस्वामी, दिनेश सिंह फर्त्याल, राजेंद्र सिंह, भारती कोरंगा, कमला कोरंगा, भूपाल सिंह, लछम लाल, प्रेम सिंह, राजेंद्र सिंह, हयात सिंह आदि थे।
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