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पानी की लाइन का निर्माण रोकने पर रावतसेरा के ग्रामीण नाराज
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बागेश्वर। ग्राम पंचायत रावतसेरा के ग्रामीणों ने धारी द्वितीय के ग्रामीणों पर पेयजल योजना का निर्माण बेवजह रोकने का आरोप लगाया है। कहा कि योजना के निर्माण के लिए भेटा के प्रधान ने एनओसी दी है। उन्होंने डीएम को पत्र देकर योजना का निर्माण शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करवाने में सहयोग की मांग की है।
डीएम को दिए पत्र में रावतसेरा के ग्रामीणों ने कहा कि गांव की पेयजल लाइन का निर्माण लटोला के कालीगाढ़ गधेरे से हो रहा है। लटोला तोक ग्राम पंचायत भेटा के अंतर्गत आता है। भेटा के प्रधान सोहन सिंह ने पेयजल योजना के निर्माण के लिए अनापत्ति दी थी। इसके बाद जल निगम के ठेकेदार ने तीन किमी तक पाइपों को बिछाने के लिए गड्ढा खुदान कर दिया है। रावतसेरा पेयजल लाइन का निर्माण धारी द्वितीय और उडेरिया पेयजल योजना से करीब 15-20 मीटर नीचे से होने के बावजूद भी धारी द्वितीय के ग्रामीणों द्वारा काम रोका जाना न्याय संगत नहीं है।
पत्र देने वालों में रावतसेरा की प्रधान लीला देवी, गोविंद सिंह, प्रशांत, जगदीश, जगमोहन, जशवंत सिंह, गणेश सिंह, योगेश सिंह, कौशल्या देवी आदि शामिल हैं। इधर पेयजल निगम के जेई सुनील कुमार ने कहा कि भेटा के प्रधान से एनओसी मिलने पर ही योजना का निर्माण चल रहा है। ग्रामीणों को आपस में बैठक कर समस्या का हल निकालना चाहिए।
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डीएम को दिए पत्र में रावतसेरा के ग्रामीणों ने कहा कि गांव की पेयजल लाइन का निर्माण लटोला के कालीगाढ़ गधेरे से हो रहा है। लटोला तोक ग्राम पंचायत भेटा के अंतर्गत आता है। भेटा के प्रधान सोहन सिंह ने पेयजल योजना के निर्माण के लिए अनापत्ति दी थी। इसके बाद जल निगम के ठेकेदार ने तीन किमी तक पाइपों को बिछाने के लिए गड्ढा खुदान कर दिया है। रावतसेरा पेयजल लाइन का निर्माण धारी द्वितीय और उडेरिया पेयजल योजना से करीब 15-20 मीटर नीचे से होने के बावजूद भी धारी द्वितीय के ग्रामीणों द्वारा काम रोका जाना न्याय संगत नहीं है।
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पत्र देने वालों में रावतसेरा की प्रधान लीला देवी, गोविंद सिंह, प्रशांत, जगदीश, जगमोहन, जशवंत सिंह, गणेश सिंह, योगेश सिंह, कौशल्या देवी आदि शामिल हैं। इधर पेयजल निगम के जेई सुनील कुमार ने कहा कि भेटा के प्रधान से एनओसी मिलने पर ही योजना का निर्माण चल रहा है। ग्रामीणों को आपस में बैठक कर समस्या का हल निकालना चाहिए।
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