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नदीगांव में आदमखोर की सुरागरसी शुरू

Sun, 30 Sep 2018 11:29 PM IST
Updated Sun, 30 Sep 2018 11:29 PM IST
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नदीगांव में आदमखोर की सुरागरसी शुरू
बागेश्वर। नदीगांव में मासूम को मौत के घाट उतारने वाले तेंदुए के आदमखोर घोषित होने के बाद वन विभाग में सरगर्मी तेज हो गई है। पंजों के निशान के सहारे आदमखोर तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। विभाग ने गांव में लगाए गए पिंजरे की लोकेशन भी बदल दी है।
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रविवार को डीएफओ आरके सिंह ने मातहतों के साथ नदीगांव का दौरा किया। इस दौरान वन कर्मियों को गांव, नदी किनारे जंगल की सीमा तक जमीन और पेड़ों पर आदमखोर के पंजों के निशान मिले। विभाग की कई कोशिशों के बावजूद आदमखोर अब तक पिंजरे में कैद नहीं हुआ है।
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नौ सितंबर की रात नदीगांव में तेंदुए ने छह वर्षीय मासूम को मार दिया था। इस साल जिले में आदमखोर के शिकार की यह चौथी घटना थी। तीन दिन पूर्व ही वन्य जीव प्रतिपालक ने तेंदुए को आदमखोर घोषित किया है। पहले आदमखोर को ट्रेंकुलाइज कर पुनर्वास करने के निर्देश हैं। इसमें असफल होने पर आदमखोर को मार गिराने का फैसला लिया जा सकता है। डीएफओ ने बताया कि तेंदुए के मूवमेंट को ट्रेस किया जा रहा है। जल्द तेंदुए नहीं पकड़ा गया तो शिकारी लखपत को बुलाया जाएगा।
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लगातार मूवमेंट कर रहा आदमखोर
बागेश्वर। नदीगांव में मासूम को मारने के बाद आदमखोर लगातार मूवमेंट कर रहा है। इस घटना के बाद से तेंदुआ लगातार नजर आ रहा है। इससे क्षेत्रवासियों पर खतरा बना हुआ है। उन्होंने आदमखोर के आतंक से जल्द निजात की मांग की है। ब्यूरो

शिकारी का दावा सालमगढ़ का आदमखोर जल्द होगा ढेर
गरुड़ (बागेश्वर)। शिकारी लखपत सिंह का कहना है कि मौसम ने साथ दिया तो आदमखोर तेंदुए को वह जल्द ही ढेर कर देंगे। वन रेंजर बीएस रमोला ने बताया कि वन विभाग की टीम शिकारी के साथ जंगल में मोर्चा संभाले है।


सालगमगढ़ के जंगल में छिपा आदमखोर शिकारी लखपत को आज तक नजर नहीं आया है। उसकी तलाश में शिकारी रात-दिन जंगल में है। विभाग ने गांव में चार पिंजरे भी लगाए हैं। शिकारी ने कहा कि बीच में मौसम साफ नहीं था अब मौसम साफ है। जल्द ही तेंदुआ गांव में फिर शिकार के लिए आएगा। उस ही दौरान उसे मार गिराया जाएगा। उधर हरीनगरी, बूंगा, पप्या, अमस्यारी, मवई, वज्यूला, मोहरखान, घांघली, गलई, दरड़ा, भिलकोट आदि गांवों के ग्रामीण तेंदुए के आतंक से भयभीत है।
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