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रेल नहीं आई तो केंद्र को पड़ेगा मिशन 2019 महंगा
Updated Wed, 12 Sep 2018 11:33 PM IST
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बागेश्वर। टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन के निर्माण की मांग को लेकर यहां चल रहा क्रमिक अनशन बुधवार को भी जारी रहा। सभा में वक्ताओं ने चेताया कि यदि रेल लाइन का निर्माण शीघ्र न हुआ तो केंद्र सरकार को मिशन 2019 काफी महंगा पड़ेगा।
आंदोलन स्थल तहसील प्रांगण में बुधवार को श्याम बिहारी आर्य और दीवान राम क्रमिक अनशन पर बैठे। संघर्ष समिति की अध्यक्ष नीमा दफौटी की अध्यक्षता और महासचिव खड़क राम आर्य के संचालन में हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार मिशन 2019 की तैयारी में जुट गई है। कहा कि रेल लाइन का निर्माण शीघ्र शुरू नहीं किया गया तो उसके लिए इस मिशन की डगर कठिन हो जाएगी। आंदोलनस्थल पर पहुंचकर उक्रांद के कुमाऊं सह प्रभारी कुंदन बिष्ट, बसपा के प्रदेश प्रभारी बीआर धौनी, जिला प्रभारी राजेंद्र प्रसाद, रमेश टम्टा आदि ने समर्थन दिया। वहां डीआर आर्या, गोविंद भंडारी, हेमा जोशी, गोविंद कांडपाल, दीपा गढ़िया, मालती पांडे, पूर्व प्रधान भगवान सिंह माजिला, शोबन सिंह और मोहन चंद्र पांडे थे।
आंदोलन स्थल तहसील प्रांगण में बुधवार को श्याम बिहारी आर्य और दीवान राम क्रमिक अनशन पर बैठे। संघर्ष समिति की अध्यक्ष नीमा दफौटी की अध्यक्षता और महासचिव खड़क राम आर्य के संचालन में हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार मिशन 2019 की तैयारी में जुट गई है। कहा कि रेल लाइन का निर्माण शीघ्र शुरू नहीं किया गया तो उसके लिए इस मिशन की डगर कठिन हो जाएगी। आंदोलनस्थल पर पहुंचकर उक्रांद के कुमाऊं सह प्रभारी कुंदन बिष्ट, बसपा के प्रदेश प्रभारी बीआर धौनी, जिला प्रभारी राजेंद्र प्रसाद, रमेश टम्टा आदि ने समर्थन दिया। वहां डीआर आर्या, गोविंद भंडारी, हेमा जोशी, गोविंद कांडपाल, दीपा गढ़िया, मालती पांडे, पूर्व प्रधान भगवान सिंह माजिला, शोबन सिंह और मोहन चंद्र पांडे थे।
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