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बदियाकोट और टकनार गांव में तीन दिन से अंधेरा
Updated Sun, 17 Jun 2018 11:48 PM IST
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बागेश्वर। उरेडा की बदियाकोट गांव स्थित जल विद्युत परियोजना के उपकरणों में खराबी और टनकनार गांव की बिजली की लाइन में फॉल्ट आने से दोनों गांवों में तीन दिनों से अंधेरा पसरा हुआ है। बिजली न होने से कुटीर उद्योग धंधे ठप पड़ गए हैं। रात में रौशनी नहीं होने से ग्रामीणों को ज्यादा दिक्कत हो रही है। बच्चे पढ़ाई तक नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने उरेडा के अधिकारियों से परियोजना शीघ्र सुचारु करने की मांग की है।
उधर पल्ला कमस्यार के टकनार गांव की आपूर्ति गत तीन दिन से ठप पड़ी है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली की लाइनें जगह-जगह पेड़ों की टहनियों से जकड़ी हुई हैं। लाइन में फॉल्ट आने से गांव के 43 परिवार परेशान हैं। रात में तेंदुए, अन्य जंगली जानवरों का डर रहता है। उन्होंने यूपीसीएल से आपूर्ति शीघ्र सुचारु करने की मांग की है। इधर यूपीसीएल के ईई भाष्कर पांडे ने कहा कि संबंधित जेई को मौके पर जाने के निर्देश दिए जाएंगे।
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उधर पल्ला कमस्यार के टकनार गांव की आपूर्ति गत तीन दिन से ठप पड़ी है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली की लाइनें जगह-जगह पेड़ों की टहनियों से जकड़ी हुई हैं। लाइन में फॉल्ट आने से गांव के 43 परिवार परेशान हैं। रात में तेंदुए, अन्य जंगली जानवरों का डर रहता है। उन्होंने यूपीसीएल से आपूर्ति शीघ्र सुचारु करने की मांग की है। इधर यूपीसीएल के ईई भाष्कर पांडे ने कहा कि संबंधित जेई को मौके पर जाने के निर्देश दिए जाएंगे।
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