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लापता ट्रेकर को ढूंढ़ने के लिए हैलीकाप्टर से चलेगा सर्च अभियान
Updated Sun, 22 Oct 2017 10:32 PM IST
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बागेश्वर। सुंदरढुंगा ट्रेकिंग रूट से डेढ़ माह पूर्व लापता छत्तीसगढ़ के युवा ट्रेकर का अब तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। युवक की खोजबीन के लिए देहरादून से बुलाए गए एसडीआरएफ के एक्सपर्ट पर्वतारोही भी वापस लौट गए हैं। अब लापता ट्रेकर को ढूंढ़ने के लिए पिंडर घाटी क्षेत्र में हैलीकाप्टर से सर्च अभियान चलाया जाएगा।
मालूम हो कि छत्तीसगढ़ के रायपुर से बागेश्वर आया 28 वर्षीय बागीश चंद्राकर पिछले डेढ़ माह से लापता है। युवक पिछले माह ट्रेकिंग के लिए पिंडर घाटी आया था। बताया जा रहा है कि बागीश चार सितंबर को खाती गांव में रुका था। इसके बाद पांच सितंबर को उसे जातोली में देखा गया। छह सितंबर की सुबह साढ़े आठ बजे वह सुंगरढुंगा ग्लेशियर के लिए निकला। इसके बाद से उसका कोई सुराग नहीं लग पाया।
कई दिनों तक बागीश का फोन नहीं आने पर परिजनों ने उसकी ढूंढ़खोज शुरू की। सूचना मिलने पर कपकोट तहसील प्रशासन ने बदियाकोट के पटवारी के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम सुंदरढुंगा ग्लेशियर भेजी। यह टीम जीरो प्वाइंट तक पहुंचने के बाद खाली हाथ लौट आई थी। परिजनों की मांग पर प्रशासन ने देहरादून से एसडीआरएफ के पांच पर्वतारोहियों की टीम यहां बुलाई। इन पर्वतारोहियों ने भी पिंडर व सुंदरढुंगा रूटों पर सर्च अभियान चलाया। इसके बावजूद कोई सुराग नहीं लग पाया।
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अब प्रशासन ने हैलीकॉप्टर से लापता ट्रेकर को ढूंढने का निर्णय लिया है। कपकोट के एसडीएम रवींद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि लापता ट्रेकर को ढूंढ़ने के लिए सिविल एविएशन से बातचीत हुई है। सिविल एविएशन को पिंडर व सुंदरढुंगा क्षेत्र की ऊंचाई व क्षेत्रफल सहित अन्य जानकारियां उपलब्ध करा दी गई हैं। तीन चार दिनों के भीतर हैलीकाप्टर से सर्च अभियान चलाया जाएगा।
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मालूम हो कि छत्तीसगढ़ के रायपुर से बागेश्वर आया 28 वर्षीय बागीश चंद्राकर पिछले डेढ़ माह से लापता है। युवक पिछले माह ट्रेकिंग के लिए पिंडर घाटी आया था। बताया जा रहा है कि बागीश चार सितंबर को खाती गांव में रुका था। इसके बाद पांच सितंबर को उसे जातोली में देखा गया। छह सितंबर की सुबह साढ़े आठ बजे वह सुंगरढुंगा ग्लेशियर के लिए निकला। इसके बाद से उसका कोई सुराग नहीं लग पाया।
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कई दिनों तक बागीश का फोन नहीं आने पर परिजनों ने उसकी ढूंढ़खोज शुरू की। सूचना मिलने पर कपकोट तहसील प्रशासन ने बदियाकोट के पटवारी के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम सुंदरढुंगा ग्लेशियर भेजी। यह टीम जीरो प्वाइंट तक पहुंचने के बाद खाली हाथ लौट आई थी। परिजनों की मांग पर प्रशासन ने देहरादून से एसडीआरएफ के पांच पर्वतारोहियों की टीम यहां बुलाई। इन पर्वतारोहियों ने भी पिंडर व सुंदरढुंगा रूटों पर सर्च अभियान चलाया। इसके बावजूद कोई सुराग नहीं लग पाया।
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अब प्रशासन ने हैलीकॉप्टर से लापता ट्रेकर को ढूंढने का निर्णय लिया है। कपकोट के एसडीएम रवींद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि लापता ट्रेकर को ढूंढ़ने के लिए सिविल एविएशन से बातचीत हुई है। सिविल एविएशन को पिंडर व सुंदरढुंगा क्षेत्र की ऊंचाई व क्षेत्रफल सहित अन्य जानकारियां उपलब्ध करा दी गई हैं। तीन चार दिनों के भीतर हैलीकाप्टर से सर्च अभियान चलाया जाएगा।