{"_id":"5b1196bd4f1c1baf6e8b5cae","slug":"121527879357-bageshwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कई क्षेत्रों में दूषित पानी की आपूर्ति होने से परेशान रहे लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कई क्षेत्रों में दूषित पानी की आपूर्ति होने से परेशान रहे लोग
Updated Sat, 02 Jun 2018 12:45 AM IST
विज्ञापन
The monster insect
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागेश्वर। लगातार हो रही बारिश से नदी-नालों का पानी मटमैला हो गया है। इसके चलते नलों में भी गंदा पानी आ रहा है। शुक्रवार को भी नगर के कई हिस्सों में दूषित पानी की आपूर्ति हुई। बिलौना में नल से पानी के साथ कीड़े निकले। लोग खासे परेशान रहे।
बागेश्वर नगर और आसपास के गांवों में जखेड़ा पेयजल योजना और सरयू नदी से पानी की आपूर्ति होती है। नदी में ज्यादा सिल्ट आने पर पुराने पंप से पानी की सफाई नहीं हो पाती है। नए फिल्टरेशन वैल से पानी तो साफ आता है लेकिन इस पंपिंग योजना से अभी नगर के कुछ ही हिस्सों को पानी सप्लाई होता है। ऐसे में अधिकांश आबादी बरसात में दूषित पानी पीने को मजबूर है। बृहस्पतिवार रात हुई मूसलाधार बारिश से सरयू, गोमती नदी सहित तमाम गधेरों में पानी के साथ मिट्टी भी बहकर आई। इससे सरयू नदी का पानी मटमैला हो गया।
गांवों के लिए बनी छोटी पेयजल योजनाओं के स्रोतों में फिल्टरेशन की व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीण क्षेत्रों में भी दूषित पानी की आपूर्ति हुई। बिलौना के कुछ घरों में नलों से पानी के साथ कीड़े निकले। शेखर पांडे ने बताया कि सुबह के समय नल से मटमैला पानी आया साथ ही कीड़े भी निकले। मजियाखेत में नलों में मिट्टीयुक्त पानी आने से लोगों को दो किमी दूर धारे से पीने के पानी लाना पड़ा। दूषित पानी की आपूर्ति होने से जल संस्थान ने नगर के कुछ हिस्सों में टैंकर से साफ बांटा।
विज्ञापन
विज्ञापन
बागेश्वर नगर और आसपास के गांवों में जखेड़ा पेयजल योजना और सरयू नदी से पानी की आपूर्ति होती है। नदी में ज्यादा सिल्ट आने पर पुराने पंप से पानी की सफाई नहीं हो पाती है। नए फिल्टरेशन वैल से पानी तो साफ आता है लेकिन इस पंपिंग योजना से अभी नगर के कुछ ही हिस्सों को पानी सप्लाई होता है। ऐसे में अधिकांश आबादी बरसात में दूषित पानी पीने को मजबूर है। बृहस्पतिवार रात हुई मूसलाधार बारिश से सरयू, गोमती नदी सहित तमाम गधेरों में पानी के साथ मिट्टी भी बहकर आई। इससे सरयू नदी का पानी मटमैला हो गया।
विज्ञापन
गांवों के लिए बनी छोटी पेयजल योजनाओं के स्रोतों में फिल्टरेशन की व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीण क्षेत्रों में भी दूषित पानी की आपूर्ति हुई। बिलौना के कुछ घरों में नलों से पानी के साथ कीड़े निकले। शेखर पांडे ने बताया कि सुबह के समय नल से मटमैला पानी आया साथ ही कीड़े भी निकले। मजियाखेत में नलों में मिट्टीयुक्त पानी आने से लोगों को दो किमी दूर धारे से पीने के पानी लाना पड़ा। दूषित पानी की आपूर्ति होने से जल संस्थान ने नगर के कुछ हिस्सों में टैंकर से साफ बांटा।
विज्ञापन