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पेट्रोल की बोतल हाथ में लेकर महाविद्यालय की छत में चढ़े छात्र नेता
Updated Mon, 14 May 2018 11:39 PM IST
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आत्महत्या का प्रयास
- फोटो : अमर उजाला
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बागेश्वर। विभिन्न समस्याओं को लेकर आमरण अनशन कर रहे छात्र नेता अनदेखी से भड़क गए। सोमवार को वे पेट्रोल भरी बोतल लेकर महाविद्यालय की छत पर चढ़ गए। इससे महाविद्यालय प्रशासन और पुलिस में खलबली मच गई। कुमाऊं विश्वविद्यालय की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद छात्र-नेताओं ने अनशन समाप्त कर दिया।
अंकतालिकाओं में गड़बड़ी और आए दिन बदले जा रहे कुविवि के नियमों के खिलाफ एनएसयूआई के बैनर तले छात्रसंघ उपाध्यक्ष गोविंद चंदोला, नवीन गढ़िया तीन दिन से आमरण अनशन कर रहे थे। सोमवार को प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए गोविंद, नवीन और रवींद्र कोश्यारी पेट्रोल की बोतल लेकर महाविद्यालय की छत पर चढ़ गए। वे आत्मदाह की धमकी देने लगे। इससे महाविद्यालय प्रशासन, पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। सूचना मिलते ही आनन-फानन में पुलिस, फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंच गई। एसडीएम श्याम सिंह राणा, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एससी पंत ने छात्र नेताओं को समझाने का प्रयास किया। इसके बावजूद वे नहीं माने। छात्र नेताओं का कहना था कि कई दिन से आंदोलन करने के बावजूद उनकी सुध नहीं ली गई। अनशन के दौरान स्वास्थ्य खराब होने पर जांच के लिए चिकित्सक तक नहीं भेजे गए। त्रुटिपूर्ण अंकतालिकाओं में सुधार पर भी विवि कोई ध्यान नहीं दे रहा। इस उपेक्षा के कारण उन्हें यह कदम उठाने को मजबूर होना पड़ रहा है। छात्र नेताओं के जिद पर अड़े रहने के बाद महाविद्यालय प्रशासन ने विवि को स्थिति से अवगत कराया। विवि से लिखित आश्वासन मिलने के बाद छात्र नेता नीचे उतरे। इसके बाद एसडीएम एसएस राणा, सुंदर सिंह, तहसीलदार दयाचंद्र टम्टा, प्राचार्य डॉ. एससी पंत, डॉ. बीसी तिवारी, डॉ. एसएस धपोला ने अनशनकारी छात्रों को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। इस मौके पर एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष गोकुल परिहार, कवि जोशी, गोविंद कठायत आदि थे।
महाविद्यालय प्रशासन और पुलिस में खलबली, विवि से लिखित आश्वासन मिलने पर उतरे
अंकतालिकाओं में गड़बड़ी समेत कई मुद्दों को लेकर कर रहे आमरण अनशन
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अंकतालिकाओं में गड़बड़ी और आए दिन बदले जा रहे कुविवि के नियमों के खिलाफ एनएसयूआई के बैनर तले छात्रसंघ उपाध्यक्ष गोविंद चंदोला, नवीन गढ़िया तीन दिन से आमरण अनशन कर रहे थे। सोमवार को प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए गोविंद, नवीन और रवींद्र कोश्यारी पेट्रोल की बोतल लेकर महाविद्यालय की छत पर चढ़ गए। वे आत्मदाह की धमकी देने लगे। इससे महाविद्यालय प्रशासन, पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। सूचना मिलते ही आनन-फानन में पुलिस, फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंच गई। एसडीएम श्याम सिंह राणा, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एससी पंत ने छात्र नेताओं को समझाने का प्रयास किया। इसके बावजूद वे नहीं माने। छात्र नेताओं का कहना था कि कई दिन से आंदोलन करने के बावजूद उनकी सुध नहीं ली गई। अनशन के दौरान स्वास्थ्य खराब होने पर जांच के लिए चिकित्सक तक नहीं भेजे गए। त्रुटिपूर्ण अंकतालिकाओं में सुधार पर भी विवि कोई ध्यान नहीं दे रहा। इस उपेक्षा के कारण उन्हें यह कदम उठाने को मजबूर होना पड़ रहा है। छात्र नेताओं के जिद पर अड़े रहने के बाद महाविद्यालय प्रशासन ने विवि को स्थिति से अवगत कराया। विवि से लिखित आश्वासन मिलने के बाद छात्र नेता नीचे उतरे। इसके बाद एसडीएम एसएस राणा, सुंदर सिंह, तहसीलदार दयाचंद्र टम्टा, प्राचार्य डॉ. एससी पंत, डॉ. बीसी तिवारी, डॉ. एसएस धपोला ने अनशनकारी छात्रों को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। इस मौके पर एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष गोकुल परिहार, कवि जोशी, गोविंद कठायत आदि थे।
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महाविद्यालय प्रशासन और पुलिस में खलबली, विवि से लिखित आश्वासन मिलने पर उतरे
अंकतालिकाओं में गड़बड़ी समेत कई मुद्दों को लेकर कर रहे आमरण अनशन