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सरयू घाटी और भद्रतुंगा के एक दर्जन गांव 90 घंटे से अंधेरे में
Updated Sat, 17 Feb 2018 10:17 PM IST
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बागेश्वर। कपकोट ब्लॉक के बैछम की लघु जल विद्युत परियोजना में खराबी आने से बिजली का उत्पादन ठप हो गया है। इससे सरयू घाटी और भद्रतुंगा के एक दर्जन गांव 90 घंटे से अंधकार में डूबे हैं।
सरमूल, सौधारा और भद्रतुंगा विकास समिति की महामंत्री कमला कुमल्टा ने बताया कि
तल्ला सूपी, तरसाल,पतियासार, झूनी, खलझूनी,मिकिला खलपट्टा, नीड़-नगेला, बैछम सहित करीब एक दर्जन गांवों के लिए बैछम स्थित लघु जल विद्युत परियोजना से बिजली की आपूर्ति होती है। परियोजना की 50-50 किलोवाट की विद्युत उत्पादन क्षमता वाली दोनों मशीनों में खराबी आने से 90 घंटे से आपूर्ति ठप है। उन्होंने बताया कि 1996 से क्षेत्रवासी इसी बिजली परियोजना से लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने उरेड़ा से मशीनों में आई खराबी को दूर कर शीघ्र क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। सामाजिक कार्यकर्ता भगवत सिंह कोरंगा ने इस क्षेत्र को ग्रिड से बिजली की आपूर्ति देने की मांग की है। उनका कहना है कि सरमूल, सौधारा और भद्रतुंगा में देश के कोने-कोने से पर्यटक आते हैं। घाटी क्षेत्र में बिजली नहीं होने से स्थानीय लोगों के साथ ही पर्यटकों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
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सरमूल, सौधारा और भद्रतुंगा विकास समिति की महामंत्री कमला कुमल्टा ने बताया कि
तल्ला सूपी, तरसाल,पतियासार, झूनी, खलझूनी,मिकिला खलपट्टा, नीड़-नगेला, बैछम सहित करीब एक दर्जन गांवों के लिए बैछम स्थित लघु जल विद्युत परियोजना से बिजली की आपूर्ति होती है। परियोजना की 50-50 किलोवाट की विद्युत उत्पादन क्षमता वाली दोनों मशीनों में खराबी आने से 90 घंटे से आपूर्ति ठप है। उन्होंने बताया कि 1996 से क्षेत्रवासी इसी बिजली परियोजना से लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने उरेड़ा से मशीनों में आई खराबी को दूर कर शीघ्र क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। सामाजिक कार्यकर्ता भगवत सिंह कोरंगा ने इस क्षेत्र को ग्रिड से बिजली की आपूर्ति देने की मांग की है। उनका कहना है कि सरमूल, सौधारा और भद्रतुंगा में देश के कोने-कोने से पर्यटक आते हैं। घाटी क्षेत्र में बिजली नहीं होने से स्थानीय लोगों के साथ ही पर्यटकों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
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