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मीटर रीडिंग के आधार पर लिया जाए पानी का बिल
Updated Tue, 22 Aug 2017 10:48 PM IST
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बागेश्वर। नगरपालिका अध्यक्ष गीता रावल ने नगरीय क्षेत्र में पेयजल का मूल्यांकन भवन कर के आधार पर करने के नियमों को समाप्त करने की मांग की है। अध्यक्ष ने शासन को पत्र भेजकर मीटर रीडिंग के आधार पर पानी का बिल वसूलने की मांग की है।
शहरी विकास मंत्री और पेयजल मंत्री को भेजे ज्ञापन में नगरपालिका अध्यक्ष ने कहा है कि नगर क्षेत्र में पेयजल का शुल्क भवन कर के मूल्यांकन के आधार पर लिया जा रहा है। इससे नगर निकायों की आय प्रभावित हो रही है। आम जनता भी इस व्यवस्था से संतुष्ट नहीं है।
पानी का बिल अधिक आने पर भवन स्वामियों द्वारा भवनों का मूल्यांकन कम करने की मांग की जाती है। ग्रामीणों के विरोध के कारण भवन कर से होने वाली नगरपालिका की आय पर असर पड़ रहा है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों की तरह शहरी क्षेत्रों में भी मीटर रीडिंग के आधार पर पानी का बिल वसूलने की मांग की है। इससे आम उपभोक्ताओं के साथ ही पालिका और पेयजल विभाग को लाभ होगा।
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शहरी विकास मंत्री और पेयजल मंत्री को भेजे ज्ञापन में नगरपालिका अध्यक्ष ने कहा है कि नगर क्षेत्र में पेयजल का शुल्क भवन कर के मूल्यांकन के आधार पर लिया जा रहा है। इससे नगर निकायों की आय प्रभावित हो रही है। आम जनता भी इस व्यवस्था से संतुष्ट नहीं है।
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पानी का बिल अधिक आने पर भवन स्वामियों द्वारा भवनों का मूल्यांकन कम करने की मांग की जाती है। ग्रामीणों के विरोध के कारण भवन कर से होने वाली नगरपालिका की आय पर असर पड़ रहा है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों की तरह शहरी क्षेत्रों में भी मीटर रीडिंग के आधार पर पानी का बिल वसूलने की मांग की है। इससे आम उपभोक्ताओं के साथ ही पालिका और पेयजल विभाग को लाभ होगा।
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