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आरटीई के तहत बच्चों के 90 लाख शुल्क का भुगतान नहीं हुआ
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बागेश्वर। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के जिले में वर्ष 2011 से 2018 तक 88 विद्यालयों में 2119 बच्चों को प्रवेश मिल चुका है। इस अधिनियम के अंतर्गत 2017-18 में प्रवेश लेने वाले ई कैटेगरी के बच्चों के शुल्क के रुप में स्कूलों मिलने वाली 90 लाख रुपये की राशि का भुगतान अभी तक विद्यालयों को नहीं हो पाया है। इससे निजी विद्यालय संचालक परेशान हैं
शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) ई तथा डी कैटेगरी के बच्चों के लिए निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए 25 प्रतिशत आरक्षण है। शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक वर्ष 2017-18 में ई कैटेगरी के बच्चों ने आरटीई के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश लिया था। इन बच्चों का शिक्षण शुल्क शासन द्वारा चुकाया जाता है। वर्ष 2017-18 के ई कैटेगरी के अभ्यर्थियों के शिक्षण शुल्क का 90 लाख रुपये का भुगतान शासन से नहीं हुआ है। जिससे निजी विद्यालय संचालकों में काफी आक्रोश है।
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कई निजी विद्यालय बच्चों को प्रवेश देने में आनाकानी करते हैं। इस संबंध में सीईओ हरीश चंद्र सिंह रावत कहना है कि आरटीई के तहत बजट शासन से मिलता है। अभी शासन बजट नहीं मिला है, बजट मिलने के बाद स्कूलों को भुगतान दिया जाएगा।
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