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शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं जीआईसी गरुड़ एवं पोथिंग
Updated Thu, 09 Aug 2018 11:57 PM IST
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बागेश्वर/ कपकोट। राजकीय आदर्श इंका गरुड़ और राइंका पोथिंग में शिक्षकों की भारी कमी हो गई है। शिक्षक नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो गई है। दोनों विद्यालयों में प्रधानाचार्य के पद भी खाली पड़े हैं। क्षेत्रवासियों ने शासन और शिक्षा विभाग से विद्यालय में शिक्षकों की शीघ्र तैनाती करने की मांग की है।
राइंका गरुड़ में 396 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। विद्यालय में प्रधानाचार्य के अलावा प्रवक्ता के तीन और एलटी शिक्षकों को पांच पद खाली हैं। कालेज में रसायन, जीव और भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता, सामान्य, हिंदी, कला और गणित एलटी शिक्षक नहीं हैं। क्षेत्र के लोगों ने कहा कि उन्हें आशा थी कि विद्यालय के आदर्श बनने से सूरत बदलेगी लेकिन लंबे समय के बाद भी समस्या जस के तस ही बनी हुई है।
उधर राइंका पोथिंग में दो सौ विद्यार्थी पंजीकृत हैं। विद्यालय में प्रधानाचार्य और प्रवक्ताओं के सभी पद खाली चल रहे हैं। पठन पाठन व्यवस्था एलटी के तीन शिक्षकों के भरोसे चल रही है। विद्यालय में पोथिंग, दूणी, सिलपाड़ा, शोभाकुंड, मातोली, उछात, भटोड़ा, बिनाड़ी आदि गांवों के बच्चे पढ़ने के लिए आते हैं। गत वर्ष का हाईस्कूल का रिजल्ट 78 प्रतिशत रहा। शिक्षकों की भारी कमी के कारण बच्चे अब दूसरे विद्यालयों में प्रवेश लेने का मन बना रह हैं। वहां लिपिक का पद भी काफी समय से खाली है। सामाजिक कार्यकर्ता विनोद गढ़िया ने बताया कालेज में शिक्षकों की तैनाती की मांग कई बार उठाई जा चुकी है। लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हो सकी है। उन्होंने शासन और शिक्षा विभाग से समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की है। उन्होंने मांग शीघ्र पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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कोट..............
दोनों विद्यालयों की समस्याएं विभाग के संज्ञान में हैं। शासन को शिक्षकों और प्रधानाचार्यों की मांग भेजी गई है। जैसे ही आवंटन होगा। विद्यालयों में प्राथमिकता के आधार पर तैनाती की जाएगी। -हरीश चंद्र सिंह रावत, मुख्य शिक्षा अधिकारी बागेश्वर।
राइंका गरुड़ में 396 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। विद्यालय में प्रधानाचार्य के अलावा प्रवक्ता के तीन और एलटी शिक्षकों को पांच पद खाली हैं। कालेज में रसायन, जीव और भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता, सामान्य, हिंदी, कला और गणित एलटी शिक्षक नहीं हैं। क्षेत्र के लोगों ने कहा कि उन्हें आशा थी कि विद्यालय के आदर्श बनने से सूरत बदलेगी लेकिन लंबे समय के बाद भी समस्या जस के तस ही बनी हुई है।
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उधर राइंका पोथिंग में दो सौ विद्यार्थी पंजीकृत हैं। विद्यालय में प्रधानाचार्य और प्रवक्ताओं के सभी पद खाली चल रहे हैं। पठन पाठन व्यवस्था एलटी के तीन शिक्षकों के भरोसे चल रही है। विद्यालय में पोथिंग, दूणी, सिलपाड़ा, शोभाकुंड, मातोली, उछात, भटोड़ा, बिनाड़ी आदि गांवों के बच्चे पढ़ने के लिए आते हैं। गत वर्ष का हाईस्कूल का रिजल्ट 78 प्रतिशत रहा। शिक्षकों की भारी कमी के कारण बच्चे अब दूसरे विद्यालयों में प्रवेश लेने का मन बना रह हैं। वहां लिपिक का पद भी काफी समय से खाली है। सामाजिक कार्यकर्ता विनोद गढ़िया ने बताया कालेज में शिक्षकों की तैनाती की मांग कई बार उठाई जा चुकी है। लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हो सकी है। उन्होंने शासन और शिक्षा विभाग से समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की है। उन्होंने मांग शीघ्र पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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दोनों विद्यालयों की समस्याएं विभाग के संज्ञान में हैं। शासन को शिक्षकों और प्रधानाचार्यों की मांग भेजी गई है। जैसे ही आवंटन होगा। विद्यालयों में प्राथमिकता के आधार पर तैनाती की जाएगी। -हरीश चंद्र सिंह रावत, मुख्य शिक्षा अधिकारी बागेश्वर।