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विज्ञान विषय को दैनिक जीवन से जोड़कर सिखाने की जरूरत
Updated Thu, 01 Feb 2018 10:56 PM IST
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बागेश्वर। वरिष्ठ वैज्ञानिक और बाल विज्ञान खोजशाला के संस्थापक आशुतोष उपाध्याय ने कहा कि कक्षा-कक्ष में विज्ञान को कठिन तरीके से पेश करने पर सीखना कठिन हो जाता है। विज्ञान विषय को दैनिक जीवन से जोड़कर सिखाया जाना चाहिए।
डॉयट में आयोजित विज्ञान शिक्षकों की कार्यशाला में उन्होंने कहा कि विज्ञान को करके सिखाए जाने की जरूरत है। विज्ञान के सिद्धांतों को पढ़ाए जाने के बजाय इसके लिए कुछ सामग्री, मॉडल प्रयोग होने चाहिए। उन्होंने कहा कि विज्ञान के कठिन से कठिन संबोधों को सरल व सस्ती सामग्रियों के द्वारा मॉडल बनाकर प्रस्तुत कर सकते हैं। छह दिनी कार्यशाला में विज्ञान के 12 सिद्धांतों पर 60 मॉडल भी बनाए जा रहे हैं। चुंबक के खेल, जिद्दी गुड्डा, अनंत पथ, सौर मंडल के ग्रह, चंद्रमा की कलाएं, गुब्बारे की केतली, पंछी पिंजरे में, हथेली में छेद जैसे मॉडल सराहनीय रहे।
कार्यशाला में 30 विद्यालयों के विज्ञान शिक्षक हिस्सा ले रहे हैं। संचालन विज्ञान समन्वयक डॉ. शैलेंद्र धपोला ने किया। वहां डॉ. प्रेम सिंह मावड़ी, डॉ. केएस रावत, डॉ. दया सागर, संदीप जोशी, केपी चंदोला, रवि कुमार जोशी, सीएम जोशी, संजय गुरुरानी, कमलेश जोशी, आशीष कांडपाल आदि थे।
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01 बीजीएस 01 पी - कार्यशाला में जानकारी देते वैज्ञानिक डा.आशुतोष उपाध्याय।
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डॉयट में आयोजित विज्ञान शिक्षकों की कार्यशाला में उन्होंने कहा कि विज्ञान को करके सिखाए जाने की जरूरत है। विज्ञान के सिद्धांतों को पढ़ाए जाने के बजाय इसके लिए कुछ सामग्री, मॉडल प्रयोग होने चाहिए। उन्होंने कहा कि विज्ञान के कठिन से कठिन संबोधों को सरल व सस्ती सामग्रियों के द्वारा मॉडल बनाकर प्रस्तुत कर सकते हैं। छह दिनी कार्यशाला में विज्ञान के 12 सिद्धांतों पर 60 मॉडल भी बनाए जा रहे हैं। चुंबक के खेल, जिद्दी गुड्डा, अनंत पथ, सौर मंडल के ग्रह, चंद्रमा की कलाएं, गुब्बारे की केतली, पंछी पिंजरे में, हथेली में छेद जैसे मॉडल सराहनीय रहे।
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कार्यशाला में 30 विद्यालयों के विज्ञान शिक्षक हिस्सा ले रहे हैं। संचालन विज्ञान समन्वयक डॉ. शैलेंद्र धपोला ने किया। वहां डॉ. प्रेम सिंह मावड़ी, डॉ. केएस रावत, डॉ. दया सागर, संदीप जोशी, केपी चंदोला, रवि कुमार जोशी, सीएम जोशी, संजय गुरुरानी, कमलेश जोशी, आशीष कांडपाल आदि थे।
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01 बीजीएस 01 पी - कार्यशाला में जानकारी देते वैज्ञानिक डा.आशुतोष उपाध्याय।