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ब्लीचिंग पेपर खत्म, सेनेटरी नेपकीन का उत्पादन प्रभावित
Updated Sun, 15 Apr 2018 10:56 PM IST
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बागेश्वर। ब्लीचिंग पेपर समाप्त होने के कारण स्वयं सहायता समूह की ओर से स्थापित प्रोजेक्ट में सेनेट्री पैड बनाने का काम प्रभावित हो गया है। एक सप्ताह पहले मांग भेजने के बावजूद ब्लीचिंग पेपर नहीं आने से समूह के माध्यम से काम कर रही महिलाएं चिंतित हैं।
जिला मुख्यालय में बाल विकास विभाग के सहयोग से ओम स्वयं सहायता समूह की महिलाएं सेनेट्री पैड तैयार करने का काम कर रही हैं। फरवरी में यहां पर 3.38 लाख की लागत से प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई थी। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए समूह से जुड़ी महिलाओं को पैड तैयार करने का प्रशिक्षण दिया गया।
वर्तमान में समूह से जुड़ी सात महिलाएं रेखा देवी, चंपा देवी, दीपा, हेमा, इंद्रा देवी, अनीता और लीला देवी यहां पर सेनेट्री पैड बनाने से लेकर पेकिंग तक स्वयं करती हैं। समूह की महिलाओं ने बताया कि एक सेनट्री पैड की कीमत 25 रुपये रखी गई है।
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तैयार माल को बाजार भी आसानी से मिल रहा है, लेकिन इस समय ब्लीचिंग पेपर समाप्त होने से काम प्रभावित हो गया है। महिलाओं के अनुसार एक सप्ताह पूर्व बाल विकास विभाग को डिमांड दी गई थी।
अभी तक ब्लीचिंग पेपर नहीं मिल पाया है। यदि पैड तैयार करने का काम प्रभावित हुआ तो मार्केटिंग पर इसका असर पड़ेगा।
ब्लीचिंग पेपर जयपुर से आता है। समूह की मांग के बाद डिमांड भेजी गई है। जल्दी समूह को ब्लीचिंग पेपर उपलब्ध हो जाएगा। - निर्मला अंसारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी।
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जिला मुख्यालय में बाल विकास विभाग के सहयोग से ओम स्वयं सहायता समूह की महिलाएं सेनेट्री पैड तैयार करने का काम कर रही हैं। फरवरी में यहां पर 3.38 लाख की लागत से प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई थी। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए समूह से जुड़ी महिलाओं को पैड तैयार करने का प्रशिक्षण दिया गया।
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वर्तमान में समूह से जुड़ी सात महिलाएं रेखा देवी, चंपा देवी, दीपा, हेमा, इंद्रा देवी, अनीता और लीला देवी यहां पर सेनेट्री पैड बनाने से लेकर पेकिंग तक स्वयं करती हैं। समूह की महिलाओं ने बताया कि एक सेनट्री पैड की कीमत 25 रुपये रखी गई है।
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तैयार माल को बाजार भी आसानी से मिल रहा है, लेकिन इस समय ब्लीचिंग पेपर समाप्त होने से काम प्रभावित हो गया है। महिलाओं के अनुसार एक सप्ताह पूर्व बाल विकास विभाग को डिमांड दी गई थी।
अभी तक ब्लीचिंग पेपर नहीं मिल पाया है। यदि पैड तैयार करने का काम प्रभावित हुआ तो मार्केटिंग पर इसका असर पड़ेगा।
ब्लीचिंग पेपर जयपुर से आता है। समूह की मांग के बाद डिमांड भेजी गई है। जल्दी समूह को ब्लीचिंग पेपर उपलब्ध हो जाएगा। - निर्मला अंसारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी।