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मुआवजे के नाम पर महज एक-एक हजार मिले 

Fri, 03 Aug 2018 11:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर। Updated Fri, 03 Aug 2018 11:45 PM IST
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1-1k given in the name of compensation
टेंट में रह रहे जारती के आदा प्रभावित। - फोटो : अमर उजाला
दुग नाकुरी तहसील के जारती गांव में गत नौ जुुलाई सुबह 5:30 बजे प्रकृति ने जमकर कहर बरपाया था। भारी बारिश से गांव के दोनों ओर से भूस्खलन हो गया जिससे गांव के राजूहा समेत करीब दर्जनभर घर खतरे की जद में आ गए। प्रभावित परिवारों का विस्थापन नहीं होने के कारण उन्हें कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। राहत के नाम पर उन्हें महज एक-एक हजार रुपये ही मिले हैं। 
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भू-स्खलन से गांव के राजूहा समेत गोकुल राम, सुुुुभाष राम, बलपा देवी, हयात राम, पूर्व सैनिक खुशहाल, गोविंद राम, नंदन राम, कैलाश राम, कवींद्र सिंह, शेर सिंह और डॉ. गोविंद सिंह के घर खतरे की जद में आ गए। घरों के आसपास और उपजाऊ खेतों में मलबा भरा है। भू-स्खलन से गांव की जमीन बैठते जा रही है।
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प्रशासन ने प्रभावितों को पंचायत घर और सुरक्षित स्थलों पर रहने को कहा है। कुछ प्रभावित पड़ोसियों के यहां रह रहे हैं जबकि कुछ टेंट बनाकर रह रहे हैं। आसमान में बादल छाते ही प्रभावित टेेंटों में दुबक जाते हैं। ग्राम प्रधान प्रेमा देवी, प्रभावितों ने जल्द विस्थापन की मांग की है। 
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पंचायत घर, टेंटों में जरूरी सुविधाओं का अकाल 
बारिश से गांव के पैदल रास्ते, पानी की लाइन और बिजली की लाइन भी जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गई है। सीमी तोक में लगा बिजली का ट्रांस्फॉर्मर लंबे समय से खराब है। आपूर्ति नजदीकी गांव से की गई है। वह भी कई बार ठप हो जाती है। पंचायत घर और टेंटों में जरूरी सुविधाओं का अकाल है। प्रभावितों के लिए रात में रोशनी के कोई इंतजाम नहीं हैं। पीने के पानी की लाइन नहीं होने से उनकी प्यास गधेरों के दूषित पानी से बुझ रही हैै। शौचालय न होने से प्रभावित खुले में शौच के लिए मजबूर हैं जिससे वहां बीमारी फैलने की आशंका बनी है। 


प्रभावितों के उपजाऊ खेतों में मलबा भर गया था। उन्हें एक-एक हजार रुपये की राहत राशि दी गई है। क्षति का आकलन कर रिपोर्ट जिला प्रशासन को दी गई है।  
- दया चंद्र टम्टा, तहसीलदार बागेश्वर।

आपदा प्रभावित जारती गांव का भ्रमण कर क्षति का आकलन किया है। प्रभावित क्षेत्र की भू-वैज्ञानिकों से जांच करवा ली है। रिपोर्ट आने पर ही आगे की कार्रवाई होगी। आपदा प्रभावितों की हर संभव सहायता की जाएगी। - बलवंत भौर्याल, विधायक, कपकोट।
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