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अब बदरीनाथ मंदिर के पीछे शुरु हुई 'हलचल'
अमर उजाला, प्रमोद सेमवाल, गोपेश्वर
Updated Wed, 21 Aug 2013 12:11 AM IST
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बदरीनाथ मंदिर के पीछे हो रहे भूस्खलन से धाम को खतरा पैदा हो गया है। मंदिर के पीछे नारायण पर्वत पर सिंचाई विभाग की ओर से बनाई गई सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त हो गई है।
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नारायण पर्वत से तेजी से भूस्खलन शुरू हो गया है। इन हालातों में नारायणी और इंद्र नाले में जमा मलबा कभी भी बदरीनाथ धाम में तबाही मचा सकता है।
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तेज बहाव से खोखले हुए ब्लॉक
बदरीनाथ मंदिर के ठीक नीचे करीब 50 मीटर की दूरी पर स्थित तप्त कुंड के ब्लॉक भी अलकनंदा नदी के तेज बहाव से खोखले हो गए हैं जिससे तप्त कुंड को खतरा पैदा हो गया है।
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बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) बीडी सिंह ने जिलाधिकारी को पूरी स्थिति की जानकारी दी है।
स्थलीय निरीक्षण और त्वरित रोकथाम
उन्होंने जल्द ही मंदिर के पीछे स्थित दीवार के स्थलीय निरीक्षण और त्वरित रोकथाम के लिए सिंचाई विभाग चमोली के अधिशासी अभियंता को पत्र लिखा है।
बदरीनाथ धाम में बीती 16 अगस्त को हुई भारी बारिश हुई थी। उसी दिन से मंदिर के पीछे स्थित नारायण पर्वत से भूस्खलन शुरू हो गया था। यह सिलसिला थमने को नहीं है।
सीईओ ने बताया कि बदरीनाथ मंदिर के पीछे नारायण पर्वत से पहले भी भूस्खलन हुआ था। तब सिंचाई विभाग ने यहां सुरक्षा दीवार का निर्माण किया था। अब यह दीवार भी टूट गई है।
जल्द हो ट्रीटमेंट
बदरीनाथ के दांयी और बायीं ओर की ढलानों पर मिट्टी की मोटी परत जमी हैं। इससे भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। मंदिर के ठीक पीछे तीव्र ढलान और ऊपरी भाग में खड़ी चट्टान है।
यदि चट्टान में दरारें आती हैं, तब बदरीनाथ मंदिर को खतरा हो सकता है। यदि मंदिर के पीछे सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त हो रही हैं, तो इसका जल्द ही ट्रीटमेंट करना आवश्यक है।
डा. डीसी नैनवाल, भूगर्भ वैज्ञानिक, पीजी कॉलेज गोपेश्वर।
क्या हो सकते हैं सुरक्षा उपाय
- मंदिर मे पीछे ढलानों पर मोटी सुरक्षा दीवार शीघ्र बनाई जाए
- अलकनंदा नदी के किनारे क्रेटवायर दीवार का निर्माण हो
- मंदिर के पीछे स्थित नारायण पर्वत का भूगर्भीय निरीक्षण किया जाए
- बदरीनाथ मंदिर क्षेत्र में निर्माण कार्यों पर तत्काल रोक लगाई जाए
तप्त कुंड के नीचे बनेगी सुरक्षा दीवार
हिमनद के रास्ते में बनाई ग्लेशियर ड्रेन (सुरक्षा दीवार) के बीच भारी मात्रा में मलबा भर गया है। इससे ग्लेशियरों से आ रहा पानी मलबे के साथ मंदिर की ओर आ रहा है। इसके स्थलीय निरीक्षण के लिए अवर अभियंता को मौके पर भेज दिया गया है। तप्त कुंड के नीचे सुरक्षा दीवार निर्माण कार्य भी तत्काल शुरू कर दिया जाएगा। मंदिर की सुरक्षा के लिए सभी उपाय किए जा रहे हैं।
- अवधेष राम, ईई, सिंचाई विभाग, चमोली
बदरीनाथ हाईवे गोविंदघाट में बंद
बारिश से मंगलवार को तड़के बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग गोविंदघाट के पास अवरुद्ध हो गया। यहां पर चट्टान का एक हिस्सा टूटकर हाईवे पर आ गया है, जिससे लामबगड़ तक जाने वाले वाहनों की आवाजाही ठप पड़ी है।
वहीं, बिरही, छिनका, गडोरा, पैनी मोड़, हेलंग, जोशीमठ, मारवाड़ी, नंदप्रयाग में बदरीनाथ हाईवे बदहाल पड़ा है। हाईवे पर जगह-जगह जल भराव हो रहा है।