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सेना भर्ती नहीं होने से रानीखेत तहसील में बिफरे युवा
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सेना भर्ती के लिए रानीखेत तहसील में प्रदर्शन करते युवा। संवाद
- फोटो : RANIKHET
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। सेना भर्ती के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा और मेडिकल परीक्षण हो जाने के बाद लगभग डेढ़ साल से भी अधिक समय से लिखित परीक्षा न कराए जाने पर युवाओं का धैर्य जवाब देने लगा है। बुधवार को युवाओं ने तहसील मुख्यालय में प्रदर्शन कर राज्यपाल को ज्ञापन भेजा।
युवाओं ने कहा कि उत्तराखंड सैन्य बहुल क्षेत्र है। यहां हर परिवार से एक नौजवान सेना में है। कोरोना के कारण भर्ती परीक्षा पर ब्रेक लगा था। 2021 में बीआरओ की भर्ती के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा और मेडिकल परीक्षण पास करने वाले युवाओं की लिखित परीक्षा आज तक नहीं हुई है। इस कारण कई युवा भर्ती की उम्र सीमा को पार गए हैं। भर्ती में देरी युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। हताश नजर आ रहे युवाओं का कहना था कि यहां किसी भी क्षेत्र में रोजगार नहीं है, सेना ही एकमात्र रोजगार का जरिया था, उससे भी युवाओं का भरोसा टूट रहा है।
संयुक्त मजिस्ट्रेट के माध्यम से राज्यपाल को भेजे ज्ञापन में युवाओं ने कहा कि बंद पड़ी भर्ती रैली खोली जानी चाहिए और लंबित परीक्षा का आयोजन होना चाहिए। इसमें युवाओं को उम्र में भी छूट देनी होगी। प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने वालों में छात्रनेता सुधांशु भट्ट, पवन चौधरी, कपिल कुमार, कुलदीप मेहरा, कमल मेहरा, चंद्र प्रकाश, हरीश कुमार, यतीश मेहरा, दीपक शर्मा, विशाल नेगी आदि थे।
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-रोजगार के लिए एकमात्र सेना का ही भरोसा था लेकिन लंबे समय से न तो भर्ती हुई है और ना ही पूर्व में हुई भर्ती की लिखित परीक्षा। केंद्र सरकार को इस संबंध में तत्काल निर्णय लेना चाहिए।- कमल सिंह मेहरा, चिलियानौला।
-उम्र लगातार बढ़ती जा रही है, सरकार युवाओं की परेशानी को ध्यान में रखते हुए भर्ती खुलवाए और लिखित परीक्षा करवाए। उसमें उम्र में भी छूट देनी चाहिए।-कुलदीप सिंह मेहरा, मंगचौड़ा, रानीखेत।
-करीब डेढ़ साल पहले हुई भर्ती की लिखित परीक्षा आज तक नहीं हुई है। अब उम्र भी 20 साल पार करने जा रही है। लिखित परीक्षा में अब उम्र आड़े आएगी, सरकार को आयु सीमा में छूट देकर युवाओं को राहत देनी चाहिए।
-चंद्र प्रकाश कुवार्बी, चिलियानौला।
-सेना की भर्ती खोली जारी जरूरी है। उत्तराखंड सैन्य बहुल क्षेत्र है। युवाओं के रोजगार का मुख्य साधन भी सैन्य भर्ती ही है। कोरोना का प्रकोप अब कम हो गया है। केंद्र को भर्ती खोल युवाओं को राहत देनी चाहिए।-सुधांशु भट्ट, छात्र नेता रानीखेत।
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युवाओं ने कहा कि उत्तराखंड सैन्य बहुल क्षेत्र है। यहां हर परिवार से एक नौजवान सेना में है। कोरोना के कारण भर्ती परीक्षा पर ब्रेक लगा था। 2021 में बीआरओ की भर्ती के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा और मेडिकल परीक्षण पास करने वाले युवाओं की लिखित परीक्षा आज तक नहीं हुई है। इस कारण कई युवा भर्ती की उम्र सीमा को पार गए हैं। भर्ती में देरी युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। हताश नजर आ रहे युवाओं का कहना था कि यहां किसी भी क्षेत्र में रोजगार नहीं है, सेना ही एकमात्र रोजगार का जरिया था, उससे भी युवाओं का भरोसा टूट रहा है।
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संयुक्त मजिस्ट्रेट के माध्यम से राज्यपाल को भेजे ज्ञापन में युवाओं ने कहा कि बंद पड़ी भर्ती रैली खोली जानी चाहिए और लंबित परीक्षा का आयोजन होना चाहिए। इसमें युवाओं को उम्र में भी छूट देनी होगी। प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने वालों में छात्रनेता सुधांशु भट्ट, पवन चौधरी, कपिल कुमार, कुलदीप मेहरा, कमल मेहरा, चंद्र प्रकाश, हरीश कुमार, यतीश मेहरा, दीपक शर्मा, विशाल नेगी आदि थे।
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-रोजगार के लिए एकमात्र सेना का ही भरोसा था लेकिन लंबे समय से न तो भर्ती हुई है और ना ही पूर्व में हुई भर्ती की लिखित परीक्षा। केंद्र सरकार को इस संबंध में तत्काल निर्णय लेना चाहिए।- कमल सिंह मेहरा, चिलियानौला।
-उम्र लगातार बढ़ती जा रही है, सरकार युवाओं की परेशानी को ध्यान में रखते हुए भर्ती खुलवाए और लिखित परीक्षा करवाए। उसमें उम्र में भी छूट देनी चाहिए।-कुलदीप सिंह मेहरा, मंगचौड़ा, रानीखेत।
-करीब डेढ़ साल पहले हुई भर्ती की लिखित परीक्षा आज तक नहीं हुई है। अब उम्र भी 20 साल पार करने जा रही है। लिखित परीक्षा में अब उम्र आड़े आएगी, सरकार को आयु सीमा में छूट देकर युवाओं को राहत देनी चाहिए।
-चंद्र प्रकाश कुवार्बी, चिलियानौला।
-सेना की भर्ती खोली जारी जरूरी है। उत्तराखंड सैन्य बहुल क्षेत्र है। युवाओं के रोजगार का मुख्य साधन भी सैन्य भर्ती ही है। कोरोना का प्रकोप अब कम हो गया है। केंद्र को भर्ती खोल युवाओं को राहत देनी चाहिए।-सुधांशु भट्ट, छात्र नेता रानीखेत।