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तुम सम पुरुष ना मो सम नारी यह संयोग विधि रचा विचारी
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Thu, 01 Nov 2018 12:28 AM IST
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अल्मोड़ा के बाड़ेछीना की रामलीला में सीता हरण के बाद विलाप करते प्रभु श्री राम।
- फोटो : अमर उजाला
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श्री रामलीला कमेटी की ओर से बाड़ेछीना में देर रात तक रामलीला मंचन हो रहा है। रामलीला में छठे दिन सूर्पणखा नासिका छेदन, खर-दूषण वध, सीता हरण, जटायु मरण आदि प्रसंग मंचित किए गए। सूर्पणखा लक्ष्मण से तुम सम पुरुष ना मो सम नारी यह संयोग विधि रचा विचारी... कहकर विवाह करने को कहती है इस पर लक्ष्मण उसकी नाक काट देते हैं।
विक्रांत सिंह चम्याल ने सूर्पणखा के पात्र का अभिनय कर वाहवाही लूटी। मुख्य अतिथि पूर्व विधायक मनोज तिवारी ने कहा कि प्रभु श्री राम के चरित्र से प्रेरणा लेने की जरूरत है। रामलीला देखने पल्यूं, चतुरभोज, मनियागर, पनुवानौला, तोली, नैनी बाराकोट, पूनाकोट, दशाऊं, धनियान, दिगोली, सरला, कफडख़ान आदि गांवों से काफी संख्या में लोग पहुंचे थे। इस मौके पर कमेटी के व्यवस्थापक वसंत तिलारा, अध्यक्ष कमल बिष्ट, खष्टी दत्त जोशी, नरेश बाराकोटी, ब्लॉक प्रमुख हरीश हनौला आदि मौजूद थे। ब्यूरो
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विक्रांत सिंह चम्याल ने सूर्पणखा के पात्र का अभिनय कर वाहवाही लूटी। मुख्य अतिथि पूर्व विधायक मनोज तिवारी ने कहा कि प्रभु श्री राम के चरित्र से प्रेरणा लेने की जरूरत है। रामलीला देखने पल्यूं, चतुरभोज, मनियागर, पनुवानौला, तोली, नैनी बाराकोट, पूनाकोट, दशाऊं, धनियान, दिगोली, सरला, कफडख़ान आदि गांवों से काफी संख्या में लोग पहुंचे थे। इस मौके पर कमेटी के व्यवस्थापक वसंत तिलारा, अध्यक्ष कमल बिष्ट, खष्टी दत्त जोशी, नरेश बाराकोटी, ब्लॉक प्रमुख हरीश हनौला आदि मौजूद थे। ब्यूरो
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