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Almora News: रिफार्म उत्सव में महिलाओं ने जाना जल संरक्षण का महत्व
Mon, 05 Oct 2026 11:20 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Mon, 05 Oct 2026 11:20 PM IST
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अल्मोड़ा। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के वाटरशेड विकास घटक के तहत जिले की विभिन्न परियोजना इकाइयों में रिफार्म उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं, किसानों और स्वयं सहायता समूहों ने भागीदारी की। इसका उद्देश्य जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन, कृषि उत्पादकता बढ़ाने, ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने और योजनाओं के क्रियान्वयन में जनभागीदारी को प्रभावी बनाना रहा।
कार्यक्रम के दौरान महिला समूहों और ग्रामीणों को वाटरशेड परियोजना के तहत संचालित गतिविधियों की जानकारी दी गई। इनमें जल एवं मृदा संरक्षण, वर्षा जल संचयन, जलस्रोतों का संरक्षण एवं पुनर्जीवन, भूमि विकास, वृक्षारोपण, चारा विकास के साथ कृषि और उत्पादन प्रणाली से जुड़ी गतिविधियां शामिल रहीं। विभिन्न परियोजना क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों में किसानों और महिला स्वयं सहायता समूहों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में विकसित आजीविका और उद्यमिता की संभावनाओं को भी प्रदर्शित किया गया।
लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि परियोजना के माध्यम से जल एवं मृदा संरक्षण के साथ आजीविका से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा मिला है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। जिले में परियोजना के तहत सल्ट की 26 ग्राम पंचायतें, भिकियासैंण की 47, ताड़ीखेत की 31 और चौखुटिया की 41 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। कार्यक्रम में ग्राम प्रधान नेहा कड़ाकोटी, बीना देवी, चंपा पांडे, रीता, सोनिया, ममता आर्या, भावना पंत, मीरा पंत, लक्ष्मी देही, शांति देवी, मंजू देवी, ज्योति रानी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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कार्यक्रम के दौरान महिला समूहों और ग्रामीणों को वाटरशेड परियोजना के तहत संचालित गतिविधियों की जानकारी दी गई। इनमें जल एवं मृदा संरक्षण, वर्षा जल संचयन, जलस्रोतों का संरक्षण एवं पुनर्जीवन, भूमि विकास, वृक्षारोपण, चारा विकास के साथ कृषि और उत्पादन प्रणाली से जुड़ी गतिविधियां शामिल रहीं। विभिन्न परियोजना क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों में किसानों और महिला स्वयं सहायता समूहों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में विकसित आजीविका और उद्यमिता की संभावनाओं को भी प्रदर्शित किया गया।
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लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि परियोजना के माध्यम से जल एवं मृदा संरक्षण के साथ आजीविका से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा मिला है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। जिले में परियोजना के तहत सल्ट की 26 ग्राम पंचायतें, भिकियासैंण की 47, ताड़ीखेत की 31 और चौखुटिया की 41 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। कार्यक्रम में ग्राम प्रधान नेहा कड़ाकोटी, बीना देवी, चंपा पांडे, रीता, सोनिया, ममता आर्या, भावना पंत, मीरा पंत, लक्ष्मी देही, शांति देवी, मंजू देवी, ज्योति रानी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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