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Almora News: आठ किमी की पैदल दौड़ लगाने के बाद मिलती है बस
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सल्ट विकासखंड के खदेरागांव में रोड नही होने से ऐसे ले जाते है अस्पताल। संवाद
- फोटो : ALMORA
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मौलेखाल (अल्मोड़ा) (पंकज मेहरा)। सल्ट ब्लॉक के खदेरागांव के लोगों के लिए सड़क महज सपना बनकर रह गई है। हाल यह है कि यहां की 2 हजार से अधिक आबादी को आठ किलोमीटर दौड़ लगाने के बाद वाहन नसीब होता है।
खदेरागांव में सड़क न होने से नाराज ग्रामीणों ने पिछले विधानसभा चुनाव बहिष्कार की धमकी दी थी। बावजूद अब तक सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ है। बस पकड़ने के लिए ग्रामीण आठ किमी खड़ी चढ़ाई पैदल तय कर जालीखान पहुंचते हैं। गर्भवतियों व बीमारों को भी डोली के सहारे सड़क तक पहुंचाया जाता है।
खदेरागांव के लोगों को डाक सुविधा का लाभ उठाने के लिए सात किलोमीटर दूर पोस्ट आफिस बांगीधार जाना पड़ता है। इससे ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। संवाद
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सड़क के अभाव में हो रहा आर्थिक नुकसान
मौलेखाल। सड़क न होने से ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ रहा है। गांव में फल, सब्जी का उत्पादन तो होता है लेकिन उन्हें बाजार तक पहुंचाने में खर्च के सापेक्ष आय नहीं होती है, ऐसे में लोग अपनी जरूरत के लिए सब्जी-फसलें बोते हैं। संवाद
ग्रामीणों की बात--
नंदी देवी का कहना है कि सड़क न होने से दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जल्द सड़क बननी चाहिए।
जमन सिंह का कहना है कि सरकारें अब तक गांव की समस्या को नजरअंदाज करती आ रही हैं। कुबेर सिंह कहते हैं कि गांव तक सड़क पहुंच जाए तो बीमारों और गर्भवतियों को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं नसीब हो सकेंगी। प्रधान हेमा देवी कहती हैं कि सड़क और अन्य दिक्कतों को लेकर समय-समय पर प्रशासन को जगाया लेकिन समस्याएं जस की तस हैं। गांव के लिए सड़क पहली जरूरत है।
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खदेरागांव में सड़क न होने से नाराज ग्रामीणों ने पिछले विधानसभा चुनाव बहिष्कार की धमकी दी थी। बावजूद अब तक सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ है। बस पकड़ने के लिए ग्रामीण आठ किमी खड़ी चढ़ाई पैदल तय कर जालीखान पहुंचते हैं। गर्भवतियों व बीमारों को भी डोली के सहारे सड़क तक पहुंचाया जाता है।
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खदेरागांव के लोगों को डाक सुविधा का लाभ उठाने के लिए सात किलोमीटर दूर पोस्ट आफिस बांगीधार जाना पड़ता है। इससे ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। संवाद
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सड़क के अभाव में हो रहा आर्थिक नुकसान
मौलेखाल। सड़क न होने से ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ रहा है। गांव में फल, सब्जी का उत्पादन तो होता है लेकिन उन्हें बाजार तक पहुंचाने में खर्च के सापेक्ष आय नहीं होती है, ऐसे में लोग अपनी जरूरत के लिए सब्जी-फसलें बोते हैं। संवाद
ग्रामीणों की बात--
नंदी देवी का कहना है कि सड़क न होने से दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जल्द सड़क बननी चाहिए।
जमन सिंह का कहना है कि सरकारें अब तक गांव की समस्या को नजरअंदाज करती आ रही हैं। कुबेर सिंह कहते हैं कि गांव तक सड़क पहुंच जाए तो बीमारों और गर्भवतियों को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं नसीब हो सकेंगी। प्रधान हेमा देवी कहती हैं कि सड़क और अन्य दिक्कतों को लेकर समय-समय पर प्रशासन को जगाया लेकिन समस्याएं जस की तस हैं। गांव के लिए सड़क पहली जरूरत है।