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शिक्षक बच्चों को अवश्य दें ऑनलाइन परामर्श और मार्गदर्शन
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अल्मोड़ा। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) ने स्कूली शिक्षा पर ऑनलाइन गाइडेंस एंड काउंसलिंग ड्यूरिंग लॉकडाउन पीरियड विषय पर वेबिनार आयोजित की गई। मुख्य वक्ता एसएसजे परिसर शिक्षा संकाय की डीन प्रो. विजयारानी ढौंडियाल ने कहा कि कोविड काल में शिक्षक सप्ताह में कम से कम एक दिन बच्चों से उनकी पसंद, रचनात्मक और सृजनात्मकता पर बात करें। बच्चों के अभिभावकों से भी अवश्य संपर्क करें।
उन्होंने कहा कि जिन बच्चों से नेटवर्क आदि की समस्या के कारण बातचीत नहीं हो पा रही है, उसके लिए शिक्षक संभव हो तो व्यक्तिगत रूप से उन्हें मदद करें। उन्होंने प्रतिभागियों के कई सवालों के जवाब भी दिए। डायट के प्राचार्य डॉ. राजेंद्र सिंह ने कहा कि बाल सखा कार्यक्रम बच्चों को निर्देशन और परामर्श प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। छात्रों को स्कूल स्तर पर उनके विषय चयन, व्यावसायिक मार्गदर्शन और मनोवैज्ञानिक समस्याओं के संबंध में अध्यापन कर उनसे व्यक्तिगत रूप से भी चर्चा करें।
एससीईआरटी की राज्य बाल सखा समन्वयक डॉ अनुज्ञा पैन्युली ने लॉकडाउन समय में बच्चों के परामर्श और निर्देशन के बारे में जानकारी की। कार्यक्रम की जिला समन्वयक डॉ. दीपा जलाल और डॉ. सरिता पांडे ने सभी स्कूलों के बाल सखा प्रभारी शिक्षकों से कहा कि वह अपने स्कूल के बच्चों का व्यक्तिगत, सामाजिक, मनोवैज्ञानिक निर्देशन अवश्य करें। वेबिनार में 13 प्रधानाचार्यों और बाल सखा प्रभारियों के अलावा डायट के जीजी गोस्वामी, गोपाल सिंह गैड़ा, कामाक्षा मिश्रा, पुष्पा बोरा, प्रकाश पंत, हरीश जोशी, हेम चंद्र जोशी, भुवन पांडे, ललित मोहन पांडे, राकेश मिश्रा, महेंद्र सिंह भंडारी, नीलम नेगी, डॉ. प्रभाकर जोशी, विनोद राठौर आदि ने भाग लिया।
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उन्होंने कहा कि जिन बच्चों से नेटवर्क आदि की समस्या के कारण बातचीत नहीं हो पा रही है, उसके लिए शिक्षक संभव हो तो व्यक्तिगत रूप से उन्हें मदद करें। उन्होंने प्रतिभागियों के कई सवालों के जवाब भी दिए। डायट के प्राचार्य डॉ. राजेंद्र सिंह ने कहा कि बाल सखा कार्यक्रम बच्चों को निर्देशन और परामर्श प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। छात्रों को स्कूल स्तर पर उनके विषय चयन, व्यावसायिक मार्गदर्शन और मनोवैज्ञानिक समस्याओं के संबंध में अध्यापन कर उनसे व्यक्तिगत रूप से भी चर्चा करें।
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एससीईआरटी की राज्य बाल सखा समन्वयक डॉ अनुज्ञा पैन्युली ने लॉकडाउन समय में बच्चों के परामर्श और निर्देशन के बारे में जानकारी की। कार्यक्रम की जिला समन्वयक डॉ. दीपा जलाल और डॉ. सरिता पांडे ने सभी स्कूलों के बाल सखा प्रभारी शिक्षकों से कहा कि वह अपने स्कूल के बच्चों का व्यक्तिगत, सामाजिक, मनोवैज्ञानिक निर्देशन अवश्य करें। वेबिनार में 13 प्रधानाचार्यों और बाल सखा प्रभारियों के अलावा डायट के जीजी गोस्वामी, गोपाल सिंह गैड़ा, कामाक्षा मिश्रा, पुष्पा बोरा, प्रकाश पंत, हरीश जोशी, हेम चंद्र जोशी, भुवन पांडे, ललित मोहन पांडे, राकेश मिश्रा, महेंद्र सिंह भंडारी, नीलम नेगी, डॉ. प्रभाकर जोशी, विनोद राठौर आदि ने भाग लिया।
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