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कहीं नल सूखे कहीं रास्तों पर बह रहा पानी
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अल्मोड़ा। नगर में कई स्थानों पर लगातार पेयजल संकट बना हुआ है और कुछ स्थानों पर पाइप लाइनों में लीकेज से पानी दिन रात बर्बाद हो रहा है। जिन स्थानों में पेयजल की समस्या बनी हुई है, वहां पर लोग जल संस्थान के टैंकरों या प्राकृतिक जल स्रोतों पर निर्भर हैं। कहीं, जल संस्थान टैंकर नहीं पहुंचा पा रहा है तो वहां के लोग पानी के लिए परेशान हैं।
नगर में सरकार की आली, विवेकानंदपुरी, खत्याड़ी, पपरसैली और कसारदेवी क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से पेयजल संकट गहराया हुआ है। लोगों का कहना है कि यहां नलों में या तो पानी आता नहीं है या फिर दो से तीन दिन में एक बार पानी आता है। पानी नहीं आने पर दिन भर पानी की व्यवस्था करने में समय निकल जाता है। जब तीन दिन में एक बार पानी आता है तो पानी का फोर्स इतना कम होता है कि काफी समय पानी भरने में लग जाता है।
उसमें भी लोगों की खपत होती है और पानी की मात्रा कम जिससे हर किसी को प्रयाप्त मात्रा में पानी नहीं मिल पाता है। कई स्थानों पर प्राकृतिक जल स्रोत सूख चुुके हैं और जिन स्थानों पर जल स्रोत अभी जिंदा हैं वहां पानी की मात्रा लगातार कम हो रही है। आबादी अधिक होने के बाद यहां भी लोगों को जरूरत के अनुसार पानी नहीं मिल रहा है। इधर, लोग जहां पेयजल समस्या से जूझ रहे हैं वहीं नगर में आर्य कन्या इंटर कॉलेज को जाने वाले पैदल रास्ते और जीआईसी स्कूल को जाने वाले रास्ते में पोस्ट ऑफिस के पास पाइप लाइन में लीकेज होने के कारण पानी लगातार बर्बाद हो रहा है। लेकिन जल संस्थान इन लीकेज लाइनों की तरफ ध्यान नहीं दे रहा है। लोगों का कहना है कि अगर लीकेज लाइनों को सही कराया जाए तो कई क्षेत्रों में पेयजल समस्या का निदान हो सकता है।
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नगर में सरकार की आली, विवेकानंदपुरी, खत्याड़ी, पपरसैली और कसारदेवी क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से पेयजल संकट गहराया हुआ है। लोगों का कहना है कि यहां नलों में या तो पानी आता नहीं है या फिर दो से तीन दिन में एक बार पानी आता है। पानी नहीं आने पर दिन भर पानी की व्यवस्था करने में समय निकल जाता है। जब तीन दिन में एक बार पानी आता है तो पानी का फोर्स इतना कम होता है कि काफी समय पानी भरने में लग जाता है।
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उसमें भी लोगों की खपत होती है और पानी की मात्रा कम जिससे हर किसी को प्रयाप्त मात्रा में पानी नहीं मिल पाता है। कई स्थानों पर प्राकृतिक जल स्रोत सूख चुुके हैं और जिन स्थानों पर जल स्रोत अभी जिंदा हैं वहां पानी की मात्रा लगातार कम हो रही है। आबादी अधिक होने के बाद यहां भी लोगों को जरूरत के अनुसार पानी नहीं मिल रहा है। इधर, लोग जहां पेयजल समस्या से जूझ रहे हैं वहीं नगर में आर्य कन्या इंटर कॉलेज को जाने वाले पैदल रास्ते और जीआईसी स्कूल को जाने वाले रास्ते में पोस्ट ऑफिस के पास पाइप लाइन में लीकेज होने के कारण पानी लगातार बर्बाद हो रहा है। लेकिन जल संस्थान इन लीकेज लाइनों की तरफ ध्यान नहीं दे रहा है। लोगों का कहना है कि अगर लीकेज लाइनों को सही कराया जाए तो कई क्षेत्रों में पेयजल समस्या का निदान हो सकता है।
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