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दो-दो योजनाओं के बावजूद बसेरा और छतगुल्ला के ग्रामीण प्यासे
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कुमाऊं मंडल में गहराया पेयजल संकट।
- फोटो : water problem14.jpg
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द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। जल संस्थान की दो दो पेयजल योजनाओं के बावजूद ग्राम पंचायत बसेरा और छतगुल्ला की करीब तीन हजार की आबादी पेयजल संकट झेल रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय अधिकारी सूचना के बावजूद मौन हैं और ग्रामीणों को पानी के लिए दूर दराज के गधेरों की शरण लेनी पड़ रही है। कहा कि शीघ्र व्यवस्था बहाल नहीं की गई तो आंदोलन होगा।
बसेरा की प्रधान बसंती देवी ने बताया कि खीरोघाटी पेयजल योजना और द्वाराहाट गधेरे से बनीं दोनों पेयजल योजनाएं एक सप्ताह से बंद पड़ी हैं लेकिन विभाग आंख मूंदे बैठा है। ग्रामीणों को दूर गधेरों से पानी लाना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि आए दिन 25 गांवों के लिए बनी खीरोघाटी पंपिंग पेयजल योजना के विद्युत फ्यूज उड़ने और मोटर फुंकने की घटनाएं होती रहती हैं।
आरोप लगाया कि कर्मचारियों की लापरवाही के चलते मोटर फुंक रही हैं। उन्होंने ग्राम बसेरा में अवैध संयोजन चलने, घर घर नल कार्यक्रम के तहत खुले नल बिछाकर छोड़ देने के भी आरोप लगाए। ग्रामीणों ने शीघ्र व्यवस्था बहाल नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय अधिकारी सूचना के बावजूद मौन हैं और ग्रामीणों को पानी के लिए दूर दराज के गधेरों की शरण लेनी पड़ रही है। कहा कि शीघ्र व्यवस्था बहाल नहीं की गई तो आंदोलन होगा।
बसेरा की प्रधान बसंती देवी ने बताया कि खीरोघाटी पेयजल योजना और द्वाराहाट गधेरे से बनीं दोनों पेयजल योजनाएं एक सप्ताह से बंद पड़ी हैं लेकिन विभाग आंख मूंदे बैठा है। ग्रामीणों को दूर गधेरों से पानी लाना पड़ रहा है।
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उन्होंने बताया कि आए दिन 25 गांवों के लिए बनी खीरोघाटी पंपिंग पेयजल योजना के विद्युत फ्यूज उड़ने और मोटर फुंकने की घटनाएं होती रहती हैं।
आरोप लगाया कि कर्मचारियों की लापरवाही के चलते मोटर फुंक रही हैं। उन्होंने ग्राम बसेरा में अवैध संयोजन चलने, घर घर नल कार्यक्रम के तहत खुले नल बिछाकर छोड़ देने के भी आरोप लगाए। ग्रामीणों ने शीघ्र व्यवस्था बहाल नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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