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तुर्कमेनिस्तान के सैनिकों ने सीखे आतंकवाद से निपटने के गुर
Mon, 08 Apr 2019 11:06 PM IST
दीपक नेगी
almora
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Published by: दीपक नेगी
Updated Mon, 08 Apr 2019 11:06 PM IST
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रानीखेत के लोमनाथ मैदान में खड़े तुर्कमेनिस्तान और भारतीय जवान।
- फोटो : amar ujala
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आतंकवाद और विद्रोह के खात्मे को लेकर यहां कुमाऊं रेजीमेंट केंद्र में तुर्कमेनिस्तान सेना का प्रशिक्षण संपन्न हो गया है। 11 मार्च को शुरू हुए इस प्रशिक्षण में दोनों देशों की सेनाओं ने आतंकवाद से निपटने के तमाम गुर साझा किए। प्रशिक्षण के लिए तुर्कमेनिस्तान से कुल 14 अधिकारी यहां पहुंचे थे। गत वर्ष अमेरिकी फौज भी आतंकवाद से निपटने के लिए यहां संयुक्त युद्धाभ्यास कर चुकी है।
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चार सप्ताह तक चले इस प्रशिक्षण में मित्र देश के सैन्य कर्मियों को शारीरिक प्रशिक्षण के अलावा हथियार संचालन, अंबुस और काउंटर अंबुस, इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोजिव डिवाइस, माइन ड्रिल, कार्डन ड्रिल का अभ्यास कराया गया। विद्रोह और आतंकवाद से निपटने के लिए अत्याधुनिक तकनीकें भी आपस में सैन्य कर्मियों ने साझा कीं। प्रशिक्षण के साथ-साथ सैन्य कर्मियों को क्षेत्र के पर्यटन स्थलों का भी भ्रमण कराया गया।
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दोनों देशों के सैन्य कर्मियों ने संस्कृति का भी आदान-प्रदान किया। कुमाऊं रेजीमेंट केंद्र से जारी विज्ञप्ति के अनुसार यह प्रशिक्षण चार अप्रैल को संपन्न हो गया था। प्रशिक्षण लेने के लिए तुर्कमेनिस्तान से 12 अधिकारी और दो वारंट अधिकारी सहित कुल 14 अधिकारी पहुंचे थे। इससे पहले 10 मार्च को केआरसी मुख्यालय पहुंचने पर केंद्र के कमांडेंट ब्रिगेडियर जीएस राठौर ने उनका स्वागत किया।
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