फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   Tribute to the immortal martyrs of Khumad, eyes became moist

Almora News: खुमाड़ के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि, नम हुईं आंखें

Fri, 05 Sep 2025 11:26 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा Updated Fri, 05 Sep 2025 11:26 PM IST
विज्ञापन
Tribute to the immortal martyrs of Khumad, eyes became moist
मौलेखाल (अल्मोड़ा)। देश की आजादी में सर्वस्व न्यौछावर करने वाले सल्ट खुमाड़ के शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। उनकी वीर गाथा को याद करते वक्त लोगों की आंखें नम हो गईं। शुक्रवार को सीएम पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल जुड़कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने सल्ट के विकास के लिए घोषणाएं भी कीं।
विज्ञापन

वर्चुअल संबोधन में सीएम ने कहा कि वह आपदा और शासकीय कार्यों के चलते शहीद स्थल खुमाड़ नहीं पहुंच पाए। उन्होंने सल्ट और देघाट की क्रांति को याद कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी और शहीद चूड़ामणि, बहादुर सिंह, खीमराम और गंगाराम को याद किया।सीएम ने विनोद नदी पर मोटर पुल, मछोड़ में अस्पताल भवन का निर्माण, कलझिपा में गुरु गोरखनाथ मंदिर के निर्माण की घोषणा की।
विज्ञापन

खुमाड़ पहुंचे केंद्रीय सड़क परिवहन राज्यमंत्री अजय टम्टा समेत कई अन्य लोगों ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी। अजय टम्टा ने कहा कि खुमाड़ में पांच सितंबर 1942 को ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ बगावत कर अपने प्राणों की आहुति देने वाले दो सगे भाइयों खीमानंद, गंगाराम और बहादुर सिंह, चूड़ामणि के योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विधायक महेश जीना ने कहा कि सल्ट के लोगों की देशभक्ति के जज्बे जो सुनने के बाद गांधी जी ने अपनी कुमाऊं यात्रा के दौरान इसे कुमाऊं की बारदोली की संज्ञा दी थी। ब्लाॅक प्रमुख कंचन ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान के बाद हमें आजादी मिली है। हमें शहीदों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना होगा।
इस मौके पर समिति के अध्यक्ष गोपाल दत्त खर्कवाल, ज्येष्ठ प्रमुख विक्रम रावत, एसडीएम रिंकू सिंह, खंड विकास अधिकारी देवेंद्र तिवारी, तहसीलदार आबिद अली, दया किशन खर्कवाल, मनोहर उपाध्याय, बासवानंद खर्कवाल, गोपाल कृष्ण उपाध्याय, ईश्वर दत्त जोशी, ग्राम प्रधान मुन्नी बोरा, शिवेंद्र बोरा आदि मौजूद रहे।

आंदोलनों का साक्षी रहा सल्ट क्षेत्र
सल्ट की धरती आज़ादी के आंदोलनों की साक्षी रही है। वर्ष 1828 में जब सरदार वल्लभभाई पटेल की अगुआई में सत्याग्रह आंदोलन हुआ तो किसानों ने लगान में भारी बढ़ोतरी का विरोध किया। किसानों के दबाव में ब्रिटिश सरकार को झुकना पड़ा और लगान घटाना पड़ा। इसी दौर में अल्मोड़ा के सल्ट क्षेत्र में भी सत्याग्रह की चिंगारी भड़की, जिसने अंग्रेजी शासन को हिला कर रख दिया।


इन्होंने दी थी शहादत
5 सितंबर 1942 को महात्मा गांधी के ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ से प्रेरित होकर सल्ट के क्रांतिकारी आगे आए। ‘खुमाड़’ नामक स्थान पर हुए संघर्ष में खीमानंद, गंगाराम, बहादुर सिंह मेहरा और चूड़ामणि ने शहादत दी, जबकि कई अन्य स्वतंत्रता सेनानी घायल हो गए। इस घटना ने सल्ट को स्वतंत्रता आंदोलन की अग्रिम पंक्ति में खड़ा कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed