फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   tracking root

ट्रैकिंग पर जाने वालों की संख्या दो से तीन गुना बढ़ने की उम्मीद

Thu, 19 May 2016 10:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा। Updated Thu, 19 May 2016 10:38 PM IST
विज्ञापन
tracking root
ट्रैकिंग रूट पर बने फाइवर हट। - फोटो : अमर उजाला

 कुमाऊं के ट्रैकिंग रूटों पर सुविधाएं बढ़ने से इस बार ट्रैकिंग पर जाने वाले पर्यटकों की संख्या दो से तीन गुना बढ़ने की संभावना है। कुमाऊं मंडल विकास निगम द्वारा बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले के कई  रूटों पर करीब 26 करोड़ रुपये लागत से 145 फाइबर हट्स बनाए जा रहे हैं। इनमें अधिकांश का  काम पूरा हो गया है। इस बार पर्यटक और ट्रैकर्स काफी कम किराए पर इन हट्स में विश्राम कर सकेंगे। शुरुआती सीजन में ही अब तक 100 लोग केएमवीएन के माध्यम से पिंडारी का ट्रैक कर चुके हैं। निगम ने पर्यटकों के अलावा स्थानीय लोगों को भी यात्रा मार्गों में काफी कम दरों पर आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने का  फैसला किया है।

विज्ञापन


बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में पिंडारी, कफनी, सुंदरढुंगा, मिलम, रालम, आदि कई ग्लेशिर हैं। गर्मियों में हर साल काफी संख्या में पर्यटक इन ग्लेशियरों की यात्रा करते हैं। ट्रैकिंग मार्गों में आवासीय सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण कई पर्यटक चाहकर भी ट्रैकिंग पर नहीं जा पाते थे। इसे देखते हुए कुमाऊं मंडल विकास निगम ने करीब एक साल पहले कैलास मानसरोवर, आदि कैलास सहित अन्य ग्लेशियर मार्गों में आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 145 फाइबर हट्स बनाने का फैसला किया था। करीब 26 करोड़ रुपये लागत से बन रहे अधिकांश हट्स का काम पूरा हो चुका है। 
विज्ञापन


कुमाऊं मंडल विकास निगम के प्रबंध निदेशक धीराज सिंह गर्ब्याल ने बताया कि पिथौरागढ़ जिले के गुंजी, नाभिढांग, गाला, बुंदी, सिरखा, कालापानी में 10-10 हट्स बनाए गए हैं। इसके अलावा पंचाचूली बेस कैंप, विदांग, बालिंग,
विज्ञापन
विज्ञापन

जौलिंगपौंग में पांच-पांच हट्स बनाए जा रहे हैं। अधिकांश का काम पूरा हो चुका है और कुछ में काम अंतिम चरण पर है। बागेश्वर जिले के पिंडारी, कफनी ग्लेशियर जाने वाले रास्तों में भी 45 हट्स बनाए गए हैं। इनमें सुविधाजनक बैड आदि की व्यवस्था भी की गई है। एमडी ने बताया कि यात्रा मार्गों में आवासीय सुविधा उपलब्ध हो जाने के कारण इस बार इन रूटों में ट्रैकिंग के लिए आने वाले पर्यटकों की संख्या में दो से तीन गुना तक इजाफा होने की उम्मीद है। कई लोग खुद की व्यवस्था पर भी ट्रैकिंग पर जाते हैं। जबकि अक्तूबर तक ट्रैकिंग सीजन चलता है। उन्होंने बताया कि पर्यटकों के साथ ही आसपास के गांवों और ग्लेशियरों तक जाने वाले स्थानीय लोग भी काफी मुनासिब किराए पर इन हट्स में रात्रि विश्राम कर सकेंगे। इन सब कार्यों के बाद केएमवीएन की आय में भी भारी बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed