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रानीखेत के गिर रहे पर्यटन व्यावसाय पर कोरोना ने मारी ठोकर
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रानीखेत का प्रख्यात गोल्फ ग्राउंड। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : RANIKHET
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। पर्यटननगरी के नाम से विख्यात रानीखेत में पर्यटन गतिविधियां माहभर से ठप हैं। पहले से ही इस क्षेत्र में काफी गिरावट आ गई थी, रही सही कसर अब कोरोना लॉकडाउन के चलते पूरी हो गई है। कोरोना ने गिर रहे पर्यटन व्यवसाय को ठोकर मारकर रसातल में धकेलने का काम किया है।
पर्यटननगरी में 12 से 13 दर्जन होटल, रिजॉर्ट आदि हैं। लॉकडाउन के चलते तीन मई तक सभी होटल और रिजॉर्ट बंद हैं। होटल संचालकों के अलावा इस व्यवसाय से जुड़े सैकड़ों कर्मचारियों और छोटे व्यापारियों के सामने गुजर बसर का संकट आ गया है। कई लोगों ने लोन लेकर भी इस क्षेत्र में हाथ आजमाने के प्रयास किए थे, प्रमुख पर्यटन स्थलों में सुनसानी छाई है। प्रख्यात गोल्फ ग्राउंड, चौबटिया का विश्वविख्यात सेब गार्डन, धार्मिक स्थली हैड़ाखान आश्रम, प्रसिद्ध मंदिरों में भी ताले लटके हैं। इन कारोबारियों का कहना है कि यदि लॉकडाउन खुलने के बाद भी कोरोना संक्रमण का भय पर्यटकों में बना रहेगा। ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन तो पूरी तरह से कोरोना की भेंट चढ़ गया है। जिला पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे ने कहा कि पर्यटन व्यवसाय प्रभावित हुआ है।
गिरते पर्यटन पर सचमुच कोरोना ने जोरदार ठोकर मारी है। अप्रैल, मई, जून तीन माह का मुख्य सीजन होता था, लेकिन सभी बुकिंग कैंसिल हैं। शादी की बुकिंग भी नहीं आ रही है। यहां पर्यटन का कार्य तीन माह ही होता था। इसमें सालभर के खर्चे मेंटेन करने पड़ते थे, लेकिन कोरोना के कारण व्यवसाय चौपट हो चुका है।
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- त्रिभुवन शर्मा, सचिव, होटल एसोसिएशन रानीखेत।
रानीखेत को मनोरंजन स्थल बनाने की मांग की जाती रही है, लेकिन नीति नियंताओं ने पहले से ही ध्यान नहीं दिया, जिस कारण पर्यटन व्यवसाय पहले से ही गिर रहा था, अब लॉकडाउन के चलते पूरा कारोबार चौपट है। सभी खर्चे जेब से ही वहन करने पड़ रहे हैं। व्यवसाय से जुड़े सभी लोग इससे परेशान हैं।
- जगदीश अग्रवाल, उपाध्यक्ष, होटल एसोसिएशन रानीखेत।
रानीखेत का मुख्य व्यवसाय ही पर्यटन आधारित है। पर्यटकों से आसपास के कस्बों के व्यापारियों को भी लाभ मिलता था। पर्यटन ही चौपट होने से छोटे, बड़े सभी व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ है। सीजन चौपट होने से अब हालात गंभीर हो चले हैं। ऐसे में खस्ताहाल अर्थव्यवस्था सुधारने के लिए मशक्कत करनी पड़ेगी।
- मोहन नेगी, जिलाध्यक्ष व्यापार मंडल रानीखेत।
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पर्यटननगरी में 12 से 13 दर्जन होटल, रिजॉर्ट आदि हैं। लॉकडाउन के चलते तीन मई तक सभी होटल और रिजॉर्ट बंद हैं। होटल संचालकों के अलावा इस व्यवसाय से जुड़े सैकड़ों कर्मचारियों और छोटे व्यापारियों के सामने गुजर बसर का संकट आ गया है। कई लोगों ने लोन लेकर भी इस क्षेत्र में हाथ आजमाने के प्रयास किए थे, प्रमुख पर्यटन स्थलों में सुनसानी छाई है। प्रख्यात गोल्फ ग्राउंड, चौबटिया का विश्वविख्यात सेब गार्डन, धार्मिक स्थली हैड़ाखान आश्रम, प्रसिद्ध मंदिरों में भी ताले लटके हैं। इन कारोबारियों का कहना है कि यदि लॉकडाउन खुलने के बाद भी कोरोना संक्रमण का भय पर्यटकों में बना रहेगा। ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन तो पूरी तरह से कोरोना की भेंट चढ़ गया है। जिला पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे ने कहा कि पर्यटन व्यवसाय प्रभावित हुआ है।
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गिरते पर्यटन पर सचमुच कोरोना ने जोरदार ठोकर मारी है। अप्रैल, मई, जून तीन माह का मुख्य सीजन होता था, लेकिन सभी बुकिंग कैंसिल हैं। शादी की बुकिंग भी नहीं आ रही है। यहां पर्यटन का कार्य तीन माह ही होता था। इसमें सालभर के खर्चे मेंटेन करने पड़ते थे, लेकिन कोरोना के कारण व्यवसाय चौपट हो चुका है।
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- त्रिभुवन शर्मा, सचिव, होटल एसोसिएशन रानीखेत।
रानीखेत को मनोरंजन स्थल बनाने की मांग की जाती रही है, लेकिन नीति नियंताओं ने पहले से ही ध्यान नहीं दिया, जिस कारण पर्यटन व्यवसाय पहले से ही गिर रहा था, अब लॉकडाउन के चलते पूरा कारोबार चौपट है। सभी खर्चे जेब से ही वहन करने पड़ रहे हैं। व्यवसाय से जुड़े सभी लोग इससे परेशान हैं।
- जगदीश अग्रवाल, उपाध्यक्ष, होटल एसोसिएशन रानीखेत।
रानीखेत का मुख्य व्यवसाय ही पर्यटन आधारित है। पर्यटकों से आसपास के कस्बों के व्यापारियों को भी लाभ मिलता था। पर्यटन ही चौपट होने से छोटे, बड़े सभी व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ है। सीजन चौपट होने से अब हालात गंभीर हो चले हैं। ऐसे में खस्ताहाल अर्थव्यवस्था सुधारने के लिए मशक्कत करनी पड़ेगी।
- मोहन नेगी, जिलाध्यक्ष व्यापार मंडल रानीखेत।