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Tiger In Almora: सात हजार फीट की ऊंचाई पर दिखा बाघ, वन विभाग भी हैरान, जारी किया अलर्ट
Thu, 14 Dec 2023 05:25 PM IST
हीरा मेहरा
अमर उजाला नेटवर्क, अल्मोड़ा
अमर उजाला नेटवर्क, अल्मोड़ा
Published by: हीरा मेहरा
Updated Thu, 14 Dec 2023 05:25 PM IST
सार
अल्मोड़ा में जागेश्वर के शौकियाथल क्षेत्र में बाघ दिखने के बाद 7000 फुट की ऊंचाई पर स्थित बिनसर में इसकी चहलकदमी कैद हुई है। डीएफओ ने स्वयं इसे अपने मोबाइल में कैद किया है। पहली बार इतनी ठंड वाले इलाके में बाघ की सक्रियता से वन विभाग भी हैरत में है।
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tiger
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जागेश्वर के शौकियाथल क्षेत्र में सोमवार को बाघ दिखने के बाद 7000 फुट की ऊंचाई पर स्थित बिनसर में इसकी चहलकदमी कैद हुई है। डीएफओ ने स्वयं इसे अपने मोबाइल में कैद किया है। स्पष्ट है क्षेत्र में बाघ सक्रिय है। पहली बार इतनी ठंड वाले इलाके में बाघ की सक्रियता से वन विभाग भी हैरत में है। वहीं, इलाके के लोग दहशत में हैं। एहतियातन वन विभाग ने अलर्ट जारी किया है।
आमतौर पर तराई में दिखने वाला बाघ 11 दिसंबर को पहली बार 6000 फुट की ऊंचाई पर जागेश्वर धाम के पास शौकियाथल में नजर आया। कुछ स्थानीय युवकों ने इसका अपने मोबाइल पर वीडियो शूट किया। तब वन विभाग ने यह दावा किया था कि इतनी ऊंचाई पर बाघ का सक्रिय होना लगभग नामुमकिन है। घटना के ठीक तीन दिन बाद ही 13 दिसंबर को डीएफओ ध्रुव मर्तोलिया को 7000 फुट की ऊंचाई पर स्थित बिनसर में बाघ नजर आया।
उन्होंने अपने मोबाइल से इसका वीडियो शूट किया। विभाग का दावा है कि जागेश्वर और बिनसर में नजर आया बाघ एक ही है। एहतियातन जागेश्वर, कनारीछीना, बिनसर, ताकुला क्षेत्र के 20 से अधिक गांवों में लोगों की सुरक्षा को देखते हुए अलर्ट जारी किया है।
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जागेश्वर से ताकुला तक 12 ट्रैप कैमरे
वन विभाग ने जागेश्वर से ताकुला तक 12 ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक यदि ट्रैप कैमरे से इसकी सक्रियता का पता लगेगा तो, इसके बाद इसे पकड़कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के प्रयास किए जाएंगे। यह लोगों की सुरक्षा की दृष्टि से भी जरूरी है।
कोट- क्षेत्र में बाघ सक्रिय है। मुझे बिनसर में बाघ नजर आया। इसकी सक्रियता का पता लगाने के लिए जागेश्वर से ताकुला तक ट्रैप कैमरा लगाए गए हैं। इनसे सटे गांवों में अलर्ट जारी किया गया है। टीम लगातार गश्त कर रही हैं।
-ध्रुव सिंह मर्तोलिया, डीएफओ, सिविल सोयम, अल्मोड़ा।
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आमतौर पर तराई में दिखने वाला बाघ 11 दिसंबर को पहली बार 6000 फुट की ऊंचाई पर जागेश्वर धाम के पास शौकियाथल में नजर आया। कुछ स्थानीय युवकों ने इसका अपने मोबाइल पर वीडियो शूट किया। तब वन विभाग ने यह दावा किया था कि इतनी ऊंचाई पर बाघ का सक्रिय होना लगभग नामुमकिन है। घटना के ठीक तीन दिन बाद ही 13 दिसंबर को डीएफओ ध्रुव मर्तोलिया को 7000 फुट की ऊंचाई पर स्थित बिनसर में बाघ नजर आया।
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उन्होंने अपने मोबाइल से इसका वीडियो शूट किया। विभाग का दावा है कि जागेश्वर और बिनसर में नजर आया बाघ एक ही है। एहतियातन जागेश्वर, कनारीछीना, बिनसर, ताकुला क्षेत्र के 20 से अधिक गांवों में लोगों की सुरक्षा को देखते हुए अलर्ट जारी किया है।
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जागेश्वर से ताकुला तक 12 ट्रैप कैमरे
वन विभाग ने जागेश्वर से ताकुला तक 12 ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक यदि ट्रैप कैमरे से इसकी सक्रियता का पता लगेगा तो, इसके बाद इसे पकड़कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के प्रयास किए जाएंगे। यह लोगों की सुरक्षा की दृष्टि से भी जरूरी है।
कोट- क्षेत्र में बाघ सक्रिय है। मुझे बिनसर में बाघ नजर आया। इसकी सक्रियता का पता लगाने के लिए जागेश्वर से ताकुला तक ट्रैप कैमरा लगाए गए हैं। इनसे सटे गांवों में अलर्ट जारी किया गया है। टीम लगातार गश्त कर रही हैं।
-ध्रुव सिंह मर्तोलिया, डीएफओ, सिविल सोयम, अल्मोड़ा।