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Almora News: तड़म के तोक सतनिया में फिर दिखा बाघ, दहशत
Thu, 25 Jun 2026 11:20 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Thu, 25 Jun 2026 11:20 PM IST
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मौलेखाल (अल्मोड़ा)। सल्ट विकासखंड के तड़म गांव के तोक सतनिया में बाघ की सक्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। बृहस्पतिवार शाम एक बार फिर बाघ गांव के नजदीक पहुंच गया। जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया है। बाघ के घरों के समीप देखे जाने के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और जल्द ठोस कार्रवाई की मांग की है।
लगभग 50 वर्षीय हरी देवी पत्नी इंदर सिंह शाम करीब सात बजे अपने घर के आंगन में घरेलू कार्य कर रही थीं। इसी दौरान उनकी नजर घर के बेहद करीब मौजूद बाघ पर पड़ी। अचानक सामने बाघ को देखकर वह घबरा गईं और जान बचाने के लिए तुरंत घर के भीतर भाग गईं। उन्होंने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया।
आसपास के ग्रामीणों ने शोरगुल कर बाघ को भगाया, उस समय घर में उनकी सास भी मौजूद थीं। घटना के बाद पूरे परिवार में भय का माहौल बन गया। तोक सतनिया में करीब 15 से 20 परिवार रहते हैं बाघ की धमक से दहशत बनी हुई है। बाघ के गांव के नजदीक पहुंचने की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई।
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विभागीय कर्मचारियों ने क्षेत्र में गश्त शुरू कर ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी। वन विभाग ने लोगों से शाम ढलने के बाद अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने और बच्चों व पशुओं पर विशेष निगरानी रखने की अपील की है।
वन विभाग ने पहले गांव से कुछ दूरी पर पिंजरा लगाया था, लेकिन बाघ की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए अब उसे गांव के अधिक नजदीक स्थापित कर दिया गया है। पूर्व प्रधान दयाल सिंह ने बताया कि बाघ की मौजूदगी केवल सतनिया तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के अन्य तोकों में भी उसकी गतिविधियां देखी गई हैं।
उन्होंने कहा कि लगातार हो रही घटनाओं के कारण ग्रामीणों में भय व्याप्त है और लोग शाम होते ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि बाघ को आबादी वाले क्षेत्र से दूर सुरक्षित स्थान पर भेजने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
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लगभग 50 वर्षीय हरी देवी पत्नी इंदर सिंह शाम करीब सात बजे अपने घर के आंगन में घरेलू कार्य कर रही थीं। इसी दौरान उनकी नजर घर के बेहद करीब मौजूद बाघ पर पड़ी। अचानक सामने बाघ को देखकर वह घबरा गईं और जान बचाने के लिए तुरंत घर के भीतर भाग गईं। उन्होंने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया।
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आसपास के ग्रामीणों ने शोरगुल कर बाघ को भगाया, उस समय घर में उनकी सास भी मौजूद थीं। घटना के बाद पूरे परिवार में भय का माहौल बन गया। तोक सतनिया में करीब 15 से 20 परिवार रहते हैं बाघ की धमक से दहशत बनी हुई है। बाघ के गांव के नजदीक पहुंचने की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई।
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विभागीय कर्मचारियों ने क्षेत्र में गश्त शुरू कर ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी। वन विभाग ने लोगों से शाम ढलने के बाद अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने और बच्चों व पशुओं पर विशेष निगरानी रखने की अपील की है।
वन विभाग ने पहले गांव से कुछ दूरी पर पिंजरा लगाया था, लेकिन बाघ की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए अब उसे गांव के अधिक नजदीक स्थापित कर दिया गया है। पूर्व प्रधान दयाल सिंह ने बताया कि बाघ की मौजूदगी केवल सतनिया तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के अन्य तोकों में भी उसकी गतिविधियां देखी गई हैं।
उन्होंने कहा कि लगातार हो रही घटनाओं के कारण ग्रामीणों में भय व्याप्त है और लोग शाम होते ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि बाघ को आबादी वाले क्षेत्र से दूर सुरक्षित स्थान पर भेजने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि लोगों को राहत मिल सके।