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अल्मोड़ा: झड़गांव में बाघ का आतंक, वन विभाग ड्रोन कैमरे से ट्रेप करने में जुटा
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मौलेखाल (अल्मोड़ा)। सल्ट के झड़गांव में बाघ का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा है। ग्रामीणों के अनुसार हर रोज बाघ आबादी के नजदीक दहाड़ मार रहा है, जिससे वे दहशत में हैं। वहीं वन विभाग ड्रोन कैमरे से बाघ की सक्रियता का पता लगाने में जुटा है। लेकिन उसे अब तक मायूसी हाथ लगी है।
झड़गांव में पांच दिन पूर्व जंगली जानवर के हमले में एक महिला को जान गंवानी पड़ी थी। घटना के दूसरे दिन घटनास्थल पर एक बाघिन का शव मिला था। लोगों को उम्मीद थी कि घटना को अंजाम देने वाली बाघिन का अंत हो गया है लेकिन इसके बाद भी गांव में बाघ की सक्रियता बनी हुई है जिससे ग्रामीणों में दहशत है।
ग्रामीणों ने कहा हर रोज बाघ गांव के आसपास दहाड़ मार रहा है। ऐसे में उन्होंने शाम होते ही घरों से बाहर निकलना बंद कर दिया है। उन्होंने वन विभाग से बाघ के आतंक से मुक्ति दिलाने की मांग की है। वहीं रेंजर गंगा सरन ने कहा ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए गांव में टीम मौजूद है जो लगातार गश्त कर रही है। ड्रोन कैमरे की मदद से बाघ की सक्रियता का पता लगाया जा रहा है। कहा फिलहाल बाघ नजर नहीं आया है। टीम कुछ दिनों तक गांव में ही बनी रहेगी।
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झड़गांव में पांच दिन पूर्व जंगली जानवर के हमले में एक महिला को जान गंवानी पड़ी थी। घटना के दूसरे दिन घटनास्थल पर एक बाघिन का शव मिला था। लोगों को उम्मीद थी कि घटना को अंजाम देने वाली बाघिन का अंत हो गया है लेकिन इसके बाद भी गांव में बाघ की सक्रियता बनी हुई है जिससे ग्रामीणों में दहशत है।
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ग्रामीणों ने कहा हर रोज बाघ गांव के आसपास दहाड़ मार रहा है। ऐसे में उन्होंने शाम होते ही घरों से बाहर निकलना बंद कर दिया है। उन्होंने वन विभाग से बाघ के आतंक से मुक्ति दिलाने की मांग की है। वहीं रेंजर गंगा सरन ने कहा ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए गांव में टीम मौजूद है जो लगातार गश्त कर रही है। ड्रोन कैमरे की मदद से बाघ की सक्रियता का पता लगाया जा रहा है। कहा फिलहाल बाघ नजर नहीं आया है। टीम कुछ दिनों तक गांव में ही बनी रहेगी।
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