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तीन दशक भी कम पड़ गए तीन किमी सड़क बनाने में
अल्मोड़ा़, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 09 Aug 2017 11:07 PM IST
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इस हालत में है मजखाली-बटुलिया मोटर मार्ग
- फोटो : अमर उजाला
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गांव-गांव को सड़क से जोड़ने के दावों की पोल मजखाली-बटुलिया मोटर मार्ग खोल रहा है। तीन किमी इस मोटर मार्ग को तीन दशक पूर्व स्वीकृति मिली थी, लेकिन इसका निर्माण कार्य आज तक पूरा नहीं हो सका है। ग्रामीण आज भी मीलों पैदल चलकर रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा कर रहे हैं। यहां सब्जी का प्रचुर मात्रा में उत्पादन होता है, लेकिन समय पर बाजार उपलब्ध नहीं होने के कारण ग्रामीणों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
तहसील के सुदूरवर्ती भैंसोली, दलमोटी, सुंदरखाल आदि गांवों को सड़क से जोड़ने के लिए 1983 में मजखाली-बटुलिया तीन किमी मोटर मार्ग को स्वीकृति मिली थी। इस क्षेत्र में सब्जी का प्रचुर मात्रा में उत्पादन होता है। ग्रामीणों को उत्पादों का लाभ मिले, इसीलिए इस सड़क को मंजूरी मिली थी। लोनिवि ने एक किमी सड़क भी काटी, लेकिन इसके बाद आगे आज तक कोई भी कार्रवाई नहीं हो सकी है। एक किमी जो सड़क कटी है वह भी बुरे हाल में है।
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ग्रामीण दशकों से मोटर मार्ग निर्माण को लेकर विभाग और जनप्रतिनिधियों के दरवाजों पर दस्तक दे रहे हैं, लेकिन आश्वासनों के अलावा कुछ भी हासिल नहीं हो रहा है। ग्रामीण आज भी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए 10 किमी पैदल चलकर मजखाली पहुंचते हैं, यहां से सामान ढोकर उन्हें गांव तक जाना पड़ता है। आरटीआई कार्यकर्ता पीसी आर्या ने बताया कि उन्होंने सूचना के अधिकार अधिनियम में मार्ग की प्रगति के संबंध में जानकारी मांगी थी, जिसमें मार्ग की भावी प्रगति के संबंध में किसी भी जानकारी होने से साफ इंकार किया गया है। उन्होंने कहा कि गांव-गांव को सड़क मार्ग से जोड़ने के झूठे सब्जबाग दिखाए जा रहे हैं, परिणामस्वरूप क्षेत्र से निरंतर पलायन बढ़ रहा है। अस्पताल लाने के लिए ग्रामीणों के पसीने छूट जाते हैं।
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