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दशहरा पर अल्मोड़ा में इस बार सिर्फ रावण का पुतला जलेगा, दर्शक नहीं रहेंगे मौजूद
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अल्मोड़ा। कोरोना महामारी के कारण अल्मोड़ा में कई दशकों बाद इस बार न तो रावण दरबार के पुतलों का जुलूस निकलेगा और न ही पुतलों का सामूहिक दहन हो पाएगा। इस बार सिर्फ रावण का पुतला तैयार किया जा रहा है जिसे दशहरा पर्व के दिन माल रोड में टैक्सी स्टैंड के पास जलाया जाएगा।
रावण के पुतले को जलाने के इस कार्यक्रम में दशहरा समिति के पदाधिकारियों को ही जाने की अनुमति मिलेगी।
बीते दिनों प्रशासन के अधिकारियों और दशहरा महोत्सव समिति के पदाधिकारियों की बैठक में यह तय हुआ कि कोरोना के चलते इस बार दशहरा महोत्सव सूक्ष्म रूप से आयोजित किया जाएगा। जिसमें केवल नंदादेवी रामलीला कमेटी द्वारा पुतला दहन स्थल पर ही रावण का पुतला तैयार किया जाएगा।
कोविड-19 के चलते इस साल पुतला दहन कार्यक्रम टैक्सी स्टैंड के सामने खाली स्थान पर शाम छह बजे से किया जाएगा। पुतला दहन के दिन राम डोले के साथ 50 पदाधिकारी ही जुलूस में शामिल होंगे। जिनके नाम दशहरा महोत्सव समिति द्वारा प्रभारी निरीक्षक कोतवाली, उपजिलाधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराने होंगे।
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पुतला दहन के दौरान आतिशबाजी नहीं की जाएगी। पुतला दहन स्थल पर दशहरा समिति के पदाधिकारियों के अतिरिक्त अन्य बाहरी लोगों और दर्शकों का जाना वर्जित होगा। उल्लेखनीय है कि अल्मोड़ा का दशहरा पर्व प्रसिद्ध है। अन्य वर्षों में अल्मोड़ा में दशहरा पर्व के मौके पर रावण परिवार के करीब डेढ़ दर्जन राक्षसों के पुतले तैयार किए जाते थे।
दशहरे के दिन नगर में इन पुतलों की शोभायात्रा निकलती थी। जिन्हें देखने पूरा शहर उमड़ पड़ता था। शाम को स्थानीय स्टेडियम में भव्य आतिशबाजी के बीच हजारों लोगों की मौजूदगी में पुतलों का दहन किया जाता था। इस मौके पर स्टेडियम में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होते थे पर इस बार सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं।
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रावण के पुतले को जलाने के इस कार्यक्रम में दशहरा समिति के पदाधिकारियों को ही जाने की अनुमति मिलेगी।
बीते दिनों प्रशासन के अधिकारियों और दशहरा महोत्सव समिति के पदाधिकारियों की बैठक में यह तय हुआ कि कोरोना के चलते इस बार दशहरा महोत्सव सूक्ष्म रूप से आयोजित किया जाएगा। जिसमें केवल नंदादेवी रामलीला कमेटी द्वारा पुतला दहन स्थल पर ही रावण का पुतला तैयार किया जाएगा।
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कोविड-19 के चलते इस साल पुतला दहन कार्यक्रम टैक्सी स्टैंड के सामने खाली स्थान पर शाम छह बजे से किया जाएगा। पुतला दहन के दिन राम डोले के साथ 50 पदाधिकारी ही जुलूस में शामिल होंगे। जिनके नाम दशहरा महोत्सव समिति द्वारा प्रभारी निरीक्षक कोतवाली, उपजिलाधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराने होंगे।
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पुतला दहन के दौरान आतिशबाजी नहीं की जाएगी। पुतला दहन स्थल पर दशहरा समिति के पदाधिकारियों के अतिरिक्त अन्य बाहरी लोगों और दर्शकों का जाना वर्जित होगा। उल्लेखनीय है कि अल्मोड़ा का दशहरा पर्व प्रसिद्ध है। अन्य वर्षों में अल्मोड़ा में दशहरा पर्व के मौके पर रावण परिवार के करीब डेढ़ दर्जन राक्षसों के पुतले तैयार किए जाते थे।
दशहरे के दिन नगर में इन पुतलों की शोभायात्रा निकलती थी। जिन्हें देखने पूरा शहर उमड़ पड़ता था। शाम को स्थानीय स्टेडियम में भव्य आतिशबाजी के बीच हजारों लोगों की मौजूदगी में पुतलों का दहन किया जाता था। इस मौके पर स्टेडियम में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होते थे पर इस बार सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं।