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... तो निरीक्षण में फेल हुआ मेडिकल कालेज
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Tue, 30 Oct 2018 11:52 PM IST
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अल्मोड़ा में मेडिकल कालेज के निरीक्षण की रिपोर्ट तैयार करते एमसीआई टीम के लोग
- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली से पहुंची एमसीआई की तीन सदस्यीय समिति ने मंगलवार को निर्माणाधीन अल्मोड़ा मेडिकल कालेज का औचक निरीक्षण किया। एमसीआई की टीम सबसे पहले पांडेखोला स्थित मुख्य परिसर पहुंची। वहां निर्माणाधीन भवनों को देखा और वहां प्राचार्य का कार्यालय मौजूद नहीं होने के कारण समिति के लोग बेस अस्पताल आए क्तद्भ वहां निरीक्षण किया। बताया गया है कि एमसीआई की टीम ने फैकल्टी, अस्पताल, लैब, मेडिकल कालेज के विभिन्न विभागों आदि के बारे में मानक अधूरे पाए हैं।
एमसीआई की टीम मंगलवार सुबह करीब नौ बजे अचानक मेडिकल कालेज के पांडेखोला स्थित निर्माणाधीन परिसर में पहुंची। तीन सदस्यीय इस टीम ने निर्माणाधीन भवनों का निरीक्षण शुरू किया। बाद में यह टीम बेस अस्पताल पहुंची और वहां अस्पताल और प्रयोगशाला आदि के बारे में जानकारी ली। इधर मंगलवार को अल्मोड़ा मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ.आरजी नौटियाल बाहर थे। एमसीआई की टीम पहुंचने की जानकारी मिलने के बाद सुशीला तिवारी मेडिकल कालेज हल्द्वानी के प्राचार्य डॉ. चंद्र प्रकाश भैसोड़ा अल्मोड़ा पहुंच गए और उन्होंने निरीक्षण कराने में मदद की। देर शाम डॉ. नौटियाल भी अल्मोड़ा पहुंच गए। इधर बताया गया है कि फैकल्टी की तैनाती नहीं होने और विभिन्न विभागों की स्थापना नहीं होने से निरीक्षण में अधिकांश मानक पूरे नहीं पाए गए हैं।
टीम के पहुंचने की भनक तक नहीं लगी
अल्मोड़ा। नए मेडिकल कालेजों को मान्यता देने से पहले एमसीआई का निरीक्षण पूरी तरह गोपनीय होता है और यह टीम अधिकारियों को सूचित किए बगैर ही पहुंचती है। मंगलवार सुबह नौ बजे जब टीम मेडिकल कालेज के पांडेखोला परिसर पहुंची तो किसी को भनक तक नहीं लगी। बाद में निर्माण एजेंसी के किसी अधिकारी ने इसकी सूचना मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ.आरजी नौटियाल को दी। डॉ. नौटियाल सरकारी कार्य से देहरादून जा रहे थे और उस वक्त नजीबाबाद पहुंचे थे। टीम के आने की जानकारी मिलते ही वह आधे रास्ते से लौट गए और देर शाम अल्मोड़ा पहुंचे। उनके आने तक हल्द्वानी मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. चंद्रप्रकाश भैसोड़ा ने अल्मजोड़ा पहुंचकर निरीक्षण करवाया।
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उम्मीदें खत्म नहीं, एक बार और होगा निरीक्षण
अल्मोड़ा। बताया गया है कि निरीक्षण में अल्मोड़ा मेडिकल कालेज के मानक अधूरे पाए गए। खास तौर पर फैकल्टी नहीं होने के कारण सबसे अधिक दिक्कत खड़ी हुई है। हालांकि भवनों का निर्माण काफी हद तक पूरा हो चुका है। निरीक्षण में फेल होने के बावजूद उम्मीदें पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं। बताया गया है कि मानक पूरा करने के लिए कुछ और समय दिया जाएगा तथा एमसीआई की टीम एक बार फिर निरीक्षण के लिए आएगी। तब तक सभी मानक पूरे कर लिए गए तो अगले सत्र के लिए मान्यता मिलने की संभावना बनी रहेगी।
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एमसीआई की टीम मंगलवार सुबह करीब नौ बजे अचानक मेडिकल कालेज के पांडेखोला स्थित निर्माणाधीन परिसर में पहुंची। तीन सदस्यीय इस टीम ने निर्माणाधीन भवनों का निरीक्षण शुरू किया। बाद में यह टीम बेस अस्पताल पहुंची और वहां अस्पताल और प्रयोगशाला आदि के बारे में जानकारी ली। इधर मंगलवार को अल्मोड़ा मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ.आरजी नौटियाल बाहर थे। एमसीआई की टीम पहुंचने की जानकारी मिलने के बाद सुशीला तिवारी मेडिकल कालेज हल्द्वानी के प्राचार्य डॉ. चंद्र प्रकाश भैसोड़ा अल्मोड़ा पहुंच गए और उन्होंने निरीक्षण कराने में मदद की। देर शाम डॉ. नौटियाल भी अल्मोड़ा पहुंच गए। इधर बताया गया है कि फैकल्टी की तैनाती नहीं होने और विभिन्न विभागों की स्थापना नहीं होने से निरीक्षण में अधिकांश मानक पूरे नहीं पाए गए हैं।
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टीम के पहुंचने की भनक तक नहीं लगी
अल्मोड़ा। नए मेडिकल कालेजों को मान्यता देने से पहले एमसीआई का निरीक्षण पूरी तरह गोपनीय होता है और यह टीम अधिकारियों को सूचित किए बगैर ही पहुंचती है। मंगलवार सुबह नौ बजे जब टीम मेडिकल कालेज के पांडेखोला परिसर पहुंची तो किसी को भनक तक नहीं लगी। बाद में निर्माण एजेंसी के किसी अधिकारी ने इसकी सूचना मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ.आरजी नौटियाल को दी। डॉ. नौटियाल सरकारी कार्य से देहरादून जा रहे थे और उस वक्त नजीबाबाद पहुंचे थे। टीम के आने की जानकारी मिलते ही वह आधे रास्ते से लौट गए और देर शाम अल्मोड़ा पहुंचे। उनके आने तक हल्द्वानी मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. चंद्रप्रकाश भैसोड़ा ने अल्मजोड़ा पहुंचकर निरीक्षण करवाया।
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उम्मीदें खत्म नहीं, एक बार और होगा निरीक्षण
अल्मोड़ा। बताया गया है कि निरीक्षण में अल्मोड़ा मेडिकल कालेज के मानक अधूरे पाए गए। खास तौर पर फैकल्टी नहीं होने के कारण सबसे अधिक दिक्कत खड़ी हुई है। हालांकि भवनों का निर्माण काफी हद तक पूरा हो चुका है। निरीक्षण में फेल होने के बावजूद उम्मीदें पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं। बताया गया है कि मानक पूरा करने के लिए कुछ और समय दिया जाएगा तथा एमसीआई की टीम एक बार फिर निरीक्षण के लिए आएगी। तब तक सभी मानक पूरे कर लिए गए तो अगले सत्र के लिए मान्यता मिलने की संभावना बनी रहेगी।