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पढ़ाया बसंत पुस्तक से प्रश्न आए बुरांश के
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Tue, 09 Oct 2018 12:33 AM IST
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शिक्षा विभाग की चूक के चलते जनपदीय गृह परीक्षा में जूनियर कक्षाओं का हिंदी का प्रश्नपत्र पाठ्यक्रम से बाहर का मिलने से परीक्षार्थियों के साथ ही शिक्षकों में भी हड़कंप मच गया। शिक्षकों से मिली जानकारी के अनुसार कक्षा छठी से आठवीं के छात्रों को हिंदी की बसंत पुस्तक से पढ़ाया गया था, जबकि प्रश्नपत्र पुरानी पुस्तक बुरांश पर आधारित थे। प्रश्न पत्र मिलते ही संबंधित परीक्षार्थी हक्के-बक्के रह गए। बाद में मुख्य शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर विद्यालय स्तर पर शिक्षकों ने पुराने पाठ्यक्रम के स्थान पर नए पाठ्यक्रम से प्रश्न तैयार करवाकर परीक्षा संपन्न करवाई। जिससे परीक्षा में भी विलंब हुआ।
सरकार ने सभी कक्षाओं में एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू कर रखा है। जिले के माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा छह से बारहवीं तक की सोमवार से अर्द्ध वार्षिक परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। कक्षा छह से आठवीं तक जिले में 21400 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। पहले दिन छठी से आठवीं कक्षाओं के छात्र-छात्राओं का हिंदी का प्रश्न पत्र सुबह 10 बजे से 12:30 बजे तक निर्धारित था। हिंदी के प्रश्न पत्र में अधिकांश प्रश्न पत्र पुराने पाठ्यक्रम से पूछ दिए गए। इससे विद्यार्थी परेशान रहे।
सूचना मिलने पर मुख्य शिक्षा अधिकारी जगमोहन सोनी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर पुराने पाठ्यक्रम से पूछे प्रश्नों को गलत करार देते हुए उन प्रश्नों को विद्यालय स्तर पर संशोधित कराते हुए परीक्षा कराने के निर्देश जारी किए। इसके बाद विद्यालय स्तर पर प्रश्न संशोधित करते हुए विद्यालयों में परीक्षा कराई गई।
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कोट
जिस शिक्षक ने पेपर सेट किया, उसे एनसीईआरटी पाठ्यक्रम का पूरा संज्ञान नहीं था। उसे कड़ी चेतावनी दी जाएगी। साथ ही उसे पाठ्यक्रम का पूर्ण संज्ञान लेने के निर्देश जारी किए जाएंगे। यदि भविष्य में भी किसी अन्य प्रश्न पत्र में ऐसी स्थित आती है तो विद्यालयों को स्थानीय स्तर पर सुधार करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
जगमोहन सोनी, मुख्य शिक्षा अधिकारी, अल्मोड़ा।
इस मामले में जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। यदि शिक्षक दोषी मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। यदि संस्थान ने गलत पेपर सेट किया तो उसे ब्लैक लिस्टेड कर भुगतान रोकने की कार्रवाई की जाएगी।
एचबी चंद, जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) अल्मोड़ा।
परीक्षा में लापरवाही विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़
अल्मोड़ा। राजकीय शिक्षक संघ के पूर्व संयुक्त मंत्री माधो सिंह बिष्ट ने कक्षा छह, सात और आठ के हिंदी के प्रश्न पत्र में अनियमितता को गंभीर लापरवाही करार दिया है। उन्होंने कहा कि पुराने पाठ्यक्रम में बुरांश पुस्तक चलती थी। उसके आधार पर प्रश्न पत्र तैयार कर दिया गया। जबकि वर्तमान में बसंत नामक हिंदी पुस्तक चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यही हाल कुमाऊं मंडल के अन्य जिलों में भी देखने को मिला। जबकि इसके लिए जिले में मुख्य शिक्षा अधिकारी द्वारा परीक्षा प्रश्न पत्र समिति बनाई होगी। चंपवात जिले में भी यही हाल रहा। इधर एलटी समायोजित राजकीय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर दत्त फुलोरिया का कहना है कि विभाग में अधिकारियों की फौज खड़ी है, लेकिन इसके बावजूद हिंदी प्रश्न पत्र पुराने पाठ्यक्रम के आधार पर बना दिया गया। मामले की जांच कर कार्रवाई होनी चाहिए।
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सरकार ने सभी कक्षाओं में एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू कर रखा है। जिले के माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा छह से बारहवीं तक की सोमवार से अर्द्ध वार्षिक परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। कक्षा छह से आठवीं तक जिले में 21400 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। पहले दिन छठी से आठवीं कक्षाओं के छात्र-छात्राओं का हिंदी का प्रश्न पत्र सुबह 10 बजे से 12:30 बजे तक निर्धारित था। हिंदी के प्रश्न पत्र में अधिकांश प्रश्न पत्र पुराने पाठ्यक्रम से पूछ दिए गए। इससे विद्यार्थी परेशान रहे।
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सूचना मिलने पर मुख्य शिक्षा अधिकारी जगमोहन सोनी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर पुराने पाठ्यक्रम से पूछे प्रश्नों को गलत करार देते हुए उन प्रश्नों को विद्यालय स्तर पर संशोधित कराते हुए परीक्षा कराने के निर्देश जारी किए। इसके बाद विद्यालय स्तर पर प्रश्न संशोधित करते हुए विद्यालयों में परीक्षा कराई गई।
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जिस शिक्षक ने पेपर सेट किया, उसे एनसीईआरटी पाठ्यक्रम का पूरा संज्ञान नहीं था। उसे कड़ी चेतावनी दी जाएगी। साथ ही उसे पाठ्यक्रम का पूर्ण संज्ञान लेने के निर्देश जारी किए जाएंगे। यदि भविष्य में भी किसी अन्य प्रश्न पत्र में ऐसी स्थित आती है तो विद्यालयों को स्थानीय स्तर पर सुधार करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
जगमोहन सोनी, मुख्य शिक्षा अधिकारी, अल्मोड़ा।
इस मामले में जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। यदि शिक्षक दोषी मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। यदि संस्थान ने गलत पेपर सेट किया तो उसे ब्लैक लिस्टेड कर भुगतान रोकने की कार्रवाई की जाएगी।
एचबी चंद, जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) अल्मोड़ा।
परीक्षा में लापरवाही विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़
अल्मोड़ा। राजकीय शिक्षक संघ के पूर्व संयुक्त मंत्री माधो सिंह बिष्ट ने कक्षा छह, सात और आठ के हिंदी के प्रश्न पत्र में अनियमितता को गंभीर लापरवाही करार दिया है। उन्होंने कहा कि पुराने पाठ्यक्रम में बुरांश पुस्तक चलती थी। उसके आधार पर प्रश्न पत्र तैयार कर दिया गया। जबकि वर्तमान में बसंत नामक हिंदी पुस्तक चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यही हाल कुमाऊं मंडल के अन्य जिलों में भी देखने को मिला। जबकि इसके लिए जिले में मुख्य शिक्षा अधिकारी द्वारा परीक्षा प्रश्न पत्र समिति बनाई होगी। चंपवात जिले में भी यही हाल रहा। इधर एलटी समायोजित राजकीय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर दत्त फुलोरिया का कहना है कि विभाग में अधिकारियों की फौज खड़ी है, लेकिन इसके बावजूद हिंदी प्रश्न पत्र पुराने पाठ्यक्रम के आधार पर बना दिया गया। मामले की जांच कर कार्रवाई होनी चाहिए।