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डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे जिला मुख्यालय के अस्पताल
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Sun, 26 Feb 2017 11:00 PM IST
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अस्पताल
- फोटो : amar ujala
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अल्मोड़ा। नगर के जिला, महिला अस्पताल में इन दिनों डॉक्टरों की काफी कमी चल रही है। जिला अस्पताल में फिजीशियन, कार्डियोलॉजिस्ट, ईएनटी सर्जन, स्थायी इमरजेंसी डॉक्टर तक उपलब्ध नहीं हैं। वहीं महिला अस्पताल में भी एनेस्थेटिक, कुछ विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद लंबे समय से खाली हैं। इस स्थिति के चलते रोगियों को इलाज के लिए बाहर जाना पड़ता है। हालत यह है कि जिला मुख्यालय के अस्पताल भी रेफरल सेंटर बनकर रह गए हैं।
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नगर के बीचों बीच स्थित जिला, महिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना करीब 400 से अधिक मरीज आते हैं। दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा बागेश्वर, पिथौरागढ़ जिलों से भी कई बार मरीज अल्मोड़ा के अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंचते हैं लेकिन डॉक्टरों की कमी के कारण अस्पताल खाली हैं। जिला अस्पताल में फिजीशियन, कार्डियोलॉजिस्ट, ईएनटी सर्जन, जनरल सर्जन, स्थायी इमरजेंसी डॉक्टर नहीं हैं।
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दूसरी ओर महिला अस्पताल में एनेस्थेटिक का पद लंबे समय से खाली है। महिला अस्पताल में भी पांच विशेषज्ञ पदों के सापेक्ष चार खाली हैं। हालांकि इनमें तीन पदों पर संविदा डॉक्टर काम कर रहे हैं। जिले के तमाम अन्य अस्पतालों में भी डॉक्टरों के पद खाली हैं। ब्लॉक मुख्यालयों में स्थित कई अस्पतालों में भी डॉक्टर तैनात नहीं हैं। इससे मरीजों को इलाज के लिए जिला स्तर के अस्पतालों में रेफर कर दिया जाता है।
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जबकि कई बार इन मरीजों को जिला मुख्यालय से भी आगे के लिए रेफर कर दिया जाता है। बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने की मांग को लेकर कई बार विभिन्न जनसंगठनों ने आंदोलन भी किए लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकल सका। सीएमओ डॉ. आरसी पंत का कहना है कि जिला और महिला अस्पताल समेत सभी अस्पतालों में डॉक्टरों के खाली पदों के बारे में निदेशालय को समय-समय पर सूचना दी जाती है। नियुक्तियां निदेशालय स्तर से ही होती हैं। डॉक्टरों की नियुक्ति होने पर खाली पदों पर तैनाती की जाएगी।