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सादगी से मनाई प्रभु यीशु के आने की खुशी
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क्रिसमस पर अल्मोड़ा स्थित बडन मेमोरियल चर्च में हुए कार्यक्रम में मौजूद लोग।
- फोटो : ALMORA
अल्मोड़ा। अल्मोड़ा में क्रिसमस सादगी के साथ मनाया गया। नगर के बडन मेमोरियल चर्च में आयोजित विशेष सामूहिक प्रार्थना सभा में सीमित संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। कई लोग घरों से ही ऑनलाइन जुड़कर प्रार्थना सभा में शामिल हुए। क्रिसमस पर दोपहर भोज, क्रिसमस प्ले, ड्रामा आदि कार्यक्रम भी नहीं हुए।
जिला चर्च अधीक्षक रोबिनसन दास और सहायक पादरी संजीव एस मसीह ने कोरोना के खात्मे और विश्व शांति के लिए प्रार्थना की। पादरी ने प्रभु यीशु के संदेश सुनाए। उन्होंने लोगों से प्रभु यीशु से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। क्रिसमस पर चर्च में हर साल लोगों की भीड़ रहती थी लेकिन इस बार कोरोना के चलते कम लोग प्रार्थना के लिए पहुंचे। कोविड-19 संक्रमण के कारण इस बार क्रिसमस पर चर्च में बाहरी स्थानों से आने वाले लोगों के प्रवेश पर रोक लगाई गई थी, जिससे बाहरी लोग प्रार्थना सभा में हिस्सा नहीं ले सके। जनप्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में पहुंचने से परहेज किया।
घर-घर जाकर बधाई देने से किया परहेज
अल्मोड़ा। क्रिसमस पर्व पर सुबह से शाम तक बड़ी संख्या में लोग चर्च में प्रार्थना करने और मोमबत्तियां जलाने के लिए आते हैं। यहां मेला जैसा माहौल रहता था लेकिन इस बार क्रिसमस सादगी से मनाया गया। ईसाई समुदाय के कई लोगों ने एक-दूसरे के घर जाकर भी बधाई देने से परहेज किया। घर से ही फोन करके या सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों ने एक-दूसरे को बधाई दी। (संवाद)
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कोविड-19 का खौफ क्रिसमस पर्व पर भी पड़ा है। कोरोना ने क्रिसमस की उमंग और उत्साह पर खलल डाला है। बच्चे खुलकर क्रिसमस नहीं मना पाए। - सुनील सिंह, अल्मोड़ा
पिछले कई वर्षों से चर्च में होने वाले कार्यक्रमों में हिस्सा लेते आया हूं। इस बार चर्च में सादगी के साथ प्रार्थना सभा हुई। इस बार बच्चों में भी मायूसी देखी गई। - जीवन सिंह, अल्मोड़ा
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जिला चर्च अधीक्षक रोबिनसन दास और सहायक पादरी संजीव एस मसीह ने कोरोना के खात्मे और विश्व शांति के लिए प्रार्थना की। पादरी ने प्रभु यीशु के संदेश सुनाए। उन्होंने लोगों से प्रभु यीशु से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। क्रिसमस पर चर्च में हर साल लोगों की भीड़ रहती थी लेकिन इस बार कोरोना के चलते कम लोग प्रार्थना के लिए पहुंचे। कोविड-19 संक्रमण के कारण इस बार क्रिसमस पर चर्च में बाहरी स्थानों से आने वाले लोगों के प्रवेश पर रोक लगाई गई थी, जिससे बाहरी लोग प्रार्थना सभा में हिस्सा नहीं ले सके। जनप्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में पहुंचने से परहेज किया।
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घर-घर जाकर बधाई देने से किया परहेज
अल्मोड़ा। क्रिसमस पर्व पर सुबह से शाम तक बड़ी संख्या में लोग चर्च में प्रार्थना करने और मोमबत्तियां जलाने के लिए आते हैं। यहां मेला जैसा माहौल रहता था लेकिन इस बार क्रिसमस सादगी से मनाया गया। ईसाई समुदाय के कई लोगों ने एक-दूसरे के घर जाकर भी बधाई देने से परहेज किया। घर से ही फोन करके या सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों ने एक-दूसरे को बधाई दी। (संवाद)
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कोविड-19 का खौफ क्रिसमस पर्व पर भी पड़ा है। कोरोना ने क्रिसमस की उमंग और उत्साह पर खलल डाला है। बच्चे खुलकर क्रिसमस नहीं मना पाए। - सुनील सिंह, अल्मोड़ा
पिछले कई वर्षों से चर्च में होने वाले कार्यक्रमों में हिस्सा लेते आया हूं। इस बार चर्च में सादगी के साथ प्रार्थना सभा हुई। इस बार बच्चों में भी मायूसी देखी गई। - जीवन सिंह, अल्मोड़ा

अल्मोड़ा स्थित बडन मेमोरियल चर्च परिसर में तैनात पुलिस कर्मी।- फोटो : ALMORA

अल्मोड़ा स्थित बडन मेमोरियल चर्च में प्रार्थना को पहुंचे लोग।- फोटो : ALMORA