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शहीदों के सर्वोच्च बलिदान को कभी नहीं भूलेगी मां भारती: राठौर
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स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि देते केआरसी कमांडेंट ब्रिगेडियर जीएस राठौर। अमर उजाला
- फोटो : RANIKHET
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रानीखेत। कुमाऊं रेजीमेंट केंद्र में पैदल सेना दिवस और कुमाऊं दिवस मनाया गया। 27 अक्तूबर 1945 को 19वीं हैदराबाद रेजीमेंट कुमाऊं रेजीमेंट केंद्र के रूप में परिवर्तित हुई थी, इसीलिए यहां हर साल कुमाऊं दिवस भी मनाया जाता है। सुबह यहां सोमनाथ मैदान स्थित शहीद स्मारक पर सैन्य अधिकारियों और पूर्व सैनिकों ने पुष्प चक्र चढ़ाकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। मुख्य अतिथि केआरसी के कमांडेंट ब्रिगेडियर जीएस राठौर ने रेजीमेंट के गौरवशाली इतिहास पर चर्चा की और शहीदों का भावपूर्ण स्मरण भी किया।
पैदल सेना दिवस और कुमाऊं दिवस पर सुबह से ही ऐतिहासिक सोमनाथ मैदान में तैयारियां शुरू हो गई थीं। इसके बाद कमांडेंट ब्रिगेडियर जीएस राठौर ने सबसे पहले शहीदों को पुष्प चक्र अर्पित कर शहीदों को याद किया। उन्होंने कहा कि शहीदों के कारण देश आज खुली फिजा में सांस ले रहा है। देश की सीमाएं वीर सैन्य बहादुरों के कारण सुरक्षित हैं। कहा कि मातृ भूमि की रक्षा करते हुए वीर सैनिकों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया और और देश की शान को ऊंचा बनाए रखा है।
उन्होंने कुमाऊं रेजीमेंट के गौरवशाली इतिहास के बारे में जानकारी दी। रेजीमेंट का गौरव बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सैनिक सीमाओं की रक्षा तो करते ही हैं, आपदा के दौरान भी सजग प्रहरी की भूमिका निभाते हैं। इस दौरान सभी सैन्य अधिकारियों, जूनियर अधिकारियों, पूर्व सैन्य अधिकारियों और सैनिकों ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि देकर उनकी शहादत को स्मरण किया।
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उधर 13 सिख रेजीमेंट ने रविवार को अल्मोड़ा छावनी में पैदल सेना दिवस मनाया। कैंट स्थित शहीद पार्क में स्थित युद्ध स्मारक पर सेना के अधिकारियों ने पुष्पांजलि अर्पित की। इस मौके पर आर्मी पब्लिक स्कूल में जागरूकता शिविर, चित्रकारी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। कमांडिंग ऑफिसर कर्नल हर्ष मिश्रा ने शहीद पार्क में पुष्पचक्र अर्पित किए। बटालियन द्वारा आयोजित इन कार्यक्रमों में 13 सिख रेजिमेंट के अधिकारी, पूर्व सैन्य अधिकारी और शहीद सैनिकों के परिजनों ने भी भाग लिया।
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पैदल सेना दिवस और कुमाऊं दिवस पर सुबह से ही ऐतिहासिक सोमनाथ मैदान में तैयारियां शुरू हो गई थीं। इसके बाद कमांडेंट ब्रिगेडियर जीएस राठौर ने सबसे पहले शहीदों को पुष्प चक्र अर्पित कर शहीदों को याद किया। उन्होंने कहा कि शहीदों के कारण देश आज खुली फिजा में सांस ले रहा है। देश की सीमाएं वीर सैन्य बहादुरों के कारण सुरक्षित हैं। कहा कि मातृ भूमि की रक्षा करते हुए वीर सैनिकों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया और और देश की शान को ऊंचा बनाए रखा है।
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उन्होंने कुमाऊं रेजीमेंट के गौरवशाली इतिहास के बारे में जानकारी दी। रेजीमेंट का गौरव बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सैनिक सीमाओं की रक्षा तो करते ही हैं, आपदा के दौरान भी सजग प्रहरी की भूमिका निभाते हैं। इस दौरान सभी सैन्य अधिकारियों, जूनियर अधिकारियों, पूर्व सैन्य अधिकारियों और सैनिकों ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि देकर उनकी शहादत को स्मरण किया।
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उधर 13 सिख रेजीमेंट ने रविवार को अल्मोड़ा छावनी में पैदल सेना दिवस मनाया। कैंट स्थित शहीद पार्क में स्थित युद्ध स्मारक पर सेना के अधिकारियों ने पुष्पांजलि अर्पित की। इस मौके पर आर्मी पब्लिक स्कूल में जागरूकता शिविर, चित्रकारी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। कमांडिंग ऑफिसर कर्नल हर्ष मिश्रा ने शहीद पार्क में पुष्पचक्र अर्पित किए। बटालियन द्वारा आयोजित इन कार्यक्रमों में 13 सिख रेजिमेंट के अधिकारी, पूर्व सैन्य अधिकारी और शहीद सैनिकों के परिजनों ने भी भाग लिया।