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धोखाधड़ी और गबन के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
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अल्मोड़ा। सत्र न्यायाधीश मलिक मजहर सुल्तान की अदालत ने धोखाधड़ी और गबन के आरोपी कैमुना क्रेडिट को-आपरेटिव सोसाइटी लि. अलीगंज लखनऊ के सीएमडी प्रदीप कुमार अस्थाना निवासी जौनपुर (यूपी) हाल निवासी साई सदन बी-17 सेक्टर जे अलीगंज लखनऊ का धारा 420, 409, 406 में जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया है। मामले की सुनवाई वीडियो कांफ्रेंसिंग से हुई।
सोमेश्वर के ग्राम जैंचोली निवासी कंपनी के तत्कालीन शाखा प्रबंधक रहे भूपेंद्र सिंह नेगी ने पुलिस में दर्ज कराई प्राथमिकी में कहा था कि आरोपी प्रदीप कुमार अस्थाना ने कैमुना क्रेडिट कोआपरेटिव सोसाइटी लि. के तत्कालीन जोनल मैनेजर चतुर सिंह, रीजनल मैनेजर जयपाल सिंह पालनी के माध्यम से छह मई 2013 को सोमेश्वर में शाखा खुलवाई। इसमें उन्हें बतौर कैशियर नियुक्त किया गया। 30 अप्रैल 2014 को उन्हें शाखा प्रबंधक पद पर प्रोन्नत किया गया। सोसाइटी के लखनऊ मुख्यालय की ओर से शाखा के वित्तीय लेनदेन के लिए यूनियन बैंक चांदगंज लखनऊ, आईसीआईसीआई बैंक हल्द्वानी, एसबीआई शाखा बागेश्वर और पीएनबी अल्मोड़ा के खाता संख्या दिए गए। इसमें सोसाइटी की सोमेश्वर शाखा के निवेशकों द्वारा निवेश की गई धनराशि जमा की गई। इन खातों का संचालन सीएमडी प्रदीप कुमार अस्थाना और उसकी पत्नी डायरेक्टर प्रार्थना अस्थाना, रीजनल मैनेजर जयपाल पालनी और असिस्टेंट डिवीजन मैनेजर दीपक राम करते थे।
सोमेश्वर शाखा से विभिन्न स्कीमों में 472 निवेशकों का 90 लाख जमा था। इसमें से सोसाइटी ने निवेशकों को 34 लाख का भुगतान किया, जबकि 118 निवेशकों का 55 लाख 66 हजार 824 रुपये हड़प लिए। जमा की गई राशि ग्राहकों को नहीं लौटाई। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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कंपनी के सीएमडी प्रदीप अस्थाना ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दिया था, जिसकी सुनवाई मंगलवार को हुई। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता पूरन सिंह कैड़ा ने आरोपी को जमानत देने का विरोध किया। उन्होंने न्यायालय को बताया कि आरोपी के खिलाफ अल्मोड़ा जिले के अलावा राज्य के विभिन्न थानों में धोखाधड़ी और जालसाजी के 16 अभियोग पंजीकृत हैं। यदि उसे जमानत पर रिहा किया जाता है तो वह साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ कर सकता है। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुना और आरोपी का जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया।
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सोमेश्वर के ग्राम जैंचोली निवासी कंपनी के तत्कालीन शाखा प्रबंधक रहे भूपेंद्र सिंह नेगी ने पुलिस में दर्ज कराई प्राथमिकी में कहा था कि आरोपी प्रदीप कुमार अस्थाना ने कैमुना क्रेडिट कोआपरेटिव सोसाइटी लि. के तत्कालीन जोनल मैनेजर चतुर सिंह, रीजनल मैनेजर जयपाल सिंह पालनी के माध्यम से छह मई 2013 को सोमेश्वर में शाखा खुलवाई। इसमें उन्हें बतौर कैशियर नियुक्त किया गया। 30 अप्रैल 2014 को उन्हें शाखा प्रबंधक पद पर प्रोन्नत किया गया। सोसाइटी के लखनऊ मुख्यालय की ओर से शाखा के वित्तीय लेनदेन के लिए यूनियन बैंक चांदगंज लखनऊ, आईसीआईसीआई बैंक हल्द्वानी, एसबीआई शाखा बागेश्वर और पीएनबी अल्मोड़ा के खाता संख्या दिए गए। इसमें सोसाइटी की सोमेश्वर शाखा के निवेशकों द्वारा निवेश की गई धनराशि जमा की गई। इन खातों का संचालन सीएमडी प्रदीप कुमार अस्थाना और उसकी पत्नी डायरेक्टर प्रार्थना अस्थाना, रीजनल मैनेजर जयपाल पालनी और असिस्टेंट डिवीजन मैनेजर दीपक राम करते थे।
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सोमेश्वर शाखा से विभिन्न स्कीमों में 472 निवेशकों का 90 लाख जमा था। इसमें से सोसाइटी ने निवेशकों को 34 लाख का भुगतान किया, जबकि 118 निवेशकों का 55 लाख 66 हजार 824 रुपये हड़प लिए। जमा की गई राशि ग्राहकों को नहीं लौटाई। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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कंपनी के सीएमडी प्रदीप अस्थाना ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दिया था, जिसकी सुनवाई मंगलवार को हुई। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता पूरन सिंह कैड़ा ने आरोपी को जमानत देने का विरोध किया। उन्होंने न्यायालय को बताया कि आरोपी के खिलाफ अल्मोड़ा जिले के अलावा राज्य के विभिन्न थानों में धोखाधड़ी और जालसाजी के 16 अभियोग पंजीकृत हैं। यदि उसे जमानत पर रिहा किया जाता है तो वह साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ कर सकता है। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुना और आरोपी का जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया।