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धोखाधड़ी के आरोपी को नहीं मिली जमानत
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अल्मोड़ा। सत्र न्यायाधीश मलिक मजहर सुल्तान के न्यायालय ने धोखाधड़ी के मामले के आरोपी आशीष कुमार पुत्र विनोद राम निवासी ग्राम बेलाटॉड, पोस्ट बदडीह, थाना और जिला गिरडीह (झारखंड) का धारा 420 में जमानत प्रार्थनापत्र खारिज कर दिया है।
आरोपी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में जमानत प्रार्थना पत्र पेश किया था। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) पूरन सिंह कैड़ा ने न्यायालय को बताया कि जिले के स्याल्दे तहसील के ग्राम बेतनधार निवासी दौलत सिंह ने राजस्व पुलिस में दर्ज कराई प्राथमिकी में कहा था कि 30 अप्रैल 2018 को आशीष ने खुद को एसबीआई कर्मचारी बताकर उन्हें फोन किया और एटीएम व आधार नंबर मांगकर उसके खाते से 30 हजार रुपये अपने खाते में डाल दिलए। एक मई को उन्होंने एसबीआई प्रबंधक को इसकी सूचना दी तो बैंक की त्वरित कार्रवाई से 10 हजार रुपये उसके खाते में आ गई। बाद में मामला रेगुलर पुलिस को हस्तांतरित हुआ तो पुलिस ने 26 अगस्त 2020 को धारा 82 सीआरपीसी में आरोपी को सम्मन तामिल कराया। कुर्की की कार्रवाई से बचने के लिए 27 जून 2021 को आरोपी आशीष कुमार अपने पिता और भाई के साथ थाना द्वाराहाट में उपस्थित हुआ। पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जिला शासकीय अधिवक्ता कैड़ा ने कहा कि यदि आरोपी को जमानत पर रिहा किया जाता है तो वह जमानत का दुरुपयोग करेगा। झारखंड निवासी होने के कारण मामले के विचारण के दौरान उसकी कोर्ट में उपस्थिति भी सुनिश्चित नहीं हो सकेगी। पत्रावली का परिसीमन कर कोर्ट ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।
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आरोपी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में जमानत प्रार्थना पत्र पेश किया था। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) पूरन सिंह कैड़ा ने न्यायालय को बताया कि जिले के स्याल्दे तहसील के ग्राम बेतनधार निवासी दौलत सिंह ने राजस्व पुलिस में दर्ज कराई प्राथमिकी में कहा था कि 30 अप्रैल 2018 को आशीष ने खुद को एसबीआई कर्मचारी बताकर उन्हें फोन किया और एटीएम व आधार नंबर मांगकर उसके खाते से 30 हजार रुपये अपने खाते में डाल दिलए। एक मई को उन्होंने एसबीआई प्रबंधक को इसकी सूचना दी तो बैंक की त्वरित कार्रवाई से 10 हजार रुपये उसके खाते में आ गई। बाद में मामला रेगुलर पुलिस को हस्तांतरित हुआ तो पुलिस ने 26 अगस्त 2020 को धारा 82 सीआरपीसी में आरोपी को सम्मन तामिल कराया। कुर्की की कार्रवाई से बचने के लिए 27 जून 2021 को आरोपी आशीष कुमार अपने पिता और भाई के साथ थाना द्वाराहाट में उपस्थित हुआ। पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जिला शासकीय अधिवक्ता कैड़ा ने कहा कि यदि आरोपी को जमानत पर रिहा किया जाता है तो वह जमानत का दुरुपयोग करेगा। झारखंड निवासी होने के कारण मामले के विचारण के दौरान उसकी कोर्ट में उपस्थिति भी सुनिश्चित नहीं हो सकेगी। पत्रावली का परिसीमन कर कोर्ट ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।
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