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कर वसूलने आए पंचायत कर्मियों को बैरंग लौटाया
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Mon, 25 Jan 2016 11:03 PM IST
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मौलेखाल बाजार के व्यापारियों से कर वसूलने आए जिला पंचायत अल्मोड़ा के कर्मचारियों को व्यापारियों ने खरी-खोटी सुनाई और बैरंग लौटा दिया। व्यापारियों ने साफ कहा कि यदि बाजार में सुविधाएं नहीं होंगी तो वह कर जमा नहीं करेंगे।
जिला पंचायत अल्मोड़ा की टीम सोमवार को मौलेखाल बाजार में व्यापारियों से कर वसूलने पहुंची थी, लेकिन टीम को व्यापारियों ने खरी-खोटी सुनाई। कहा कि मौलेखाल बाजार में न तो सार्वजनिक शौचालय है और न ही बाजार में नियमित सफाई होती है। बाजार में कूड़ेदान भी नहीं लगे हैं और नालियां भी नहीं हैं। जिला पंचायत की लगी सोलर लाइटें काफी लंबे समय से खराब पड़ी हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में सुविधाएं नहीं होने से ग्रामीण भी परेशान होते हैं। उन्होंने कहा कि जिला पंचायत को पहले ग्रामीण कस्बों में सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए। तभी उसे टैक्स की वसूली का अधिकार है। व्यापारियों ने टैक्स जमा नहीं किया और जिला पंचायत की टीम वापस लौट गई। विरोध जताने वालों में महेंद्र सिंह, योगेंद्र अधिकारी, संतोष कुमार, कैलाश चंद्र, कुंदन सिंह, बचे सिंह, सुरेंद्र सिंह, जोगा सिंह, आनंद शर्मा, महेंद्र राणा, दुर्गा सिंह तडिय़ाल, बची सिंह, सुरेंद्र सिंह, रवि कुमार, तुलसी राम, मनोज कुमार, बालम सिंह, अर्पित गोयल, मोहन सिंह, चंदन सिंह, चंदन मनराल आदि व्यवसायी शामिल थे।
जिला पंचायत अल्मोड़ा की टीम सोमवार को मौलेखाल बाजार में व्यापारियों से कर वसूलने पहुंची थी, लेकिन टीम को व्यापारियों ने खरी-खोटी सुनाई। कहा कि मौलेखाल बाजार में न तो सार्वजनिक शौचालय है और न ही बाजार में नियमित सफाई होती है। बाजार में कूड़ेदान भी नहीं लगे हैं और नालियां भी नहीं हैं। जिला पंचायत की लगी सोलर लाइटें काफी लंबे समय से खराब पड़ी हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में सुविधाएं नहीं होने से ग्रामीण भी परेशान होते हैं। उन्होंने कहा कि जिला पंचायत को पहले ग्रामीण कस्बों में सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए। तभी उसे टैक्स की वसूली का अधिकार है। व्यापारियों ने टैक्स जमा नहीं किया और जिला पंचायत की टीम वापस लौट गई। विरोध जताने वालों में महेंद्र सिंह, योगेंद्र अधिकारी, संतोष कुमार, कैलाश चंद्र, कुंदन सिंह, बचे सिंह, सुरेंद्र सिंह, जोगा सिंह, आनंद शर्मा, महेंद्र राणा, दुर्गा सिंह तडिय़ाल, बची सिंह, सुरेंद्र सिंह, रवि कुमार, तुलसी राम, मनोज कुमार, बालम सिंह, अर्पित गोयल, मोहन सिंह, चंदन सिंह, चंदन मनराल आदि व्यवसायी शामिल थे।
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