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एसएसजे परिसर में मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठे छात्रनेता
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अल्मोड़ा। एसएसजे परिसर अल्मोड़ा में मांगों को लेकर छात्रों ने आमरण अनशन शुरू कर दिया है। मंगलवार को छात्रसंघ उपसचिव और एनएसयूआई के जिला सचिव आमरण अनशन पर बैठ गए। छात्र नेताओं ने परिसर प्रशासन पर गुमराह करने का आरोप भी लगाया।
एसएसजे परिसर अल्मोड़ा में कोरोना काल में परीक्षा न करवाने, परीक्षा परिणामों में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए उन्हें सुधारने, छात्रों को प्रोन्नत करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर छात्रसंघ उपसचिव के नेतृत्व में छात्र सांकेतिक धरने पर बैठे थे।
कई बार मांग पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी देने के बाद मंगलवार को छात्रसंघ उपसचिव दीपक तिवारी और एनएसयूआई के जिला सचिव विपुल कार्की आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। उपसचिव दीपक ने कहा कि लगातार सात दिनों से विभिन्न मांगों को लेकर धरना दिया जा रहा था। पर परिसर प्रशासन द्वारा छात्रों की मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। कोरोना काल में छात्रों की परीक्षा की तैयारियां की जा रही है। ऐसे माहौल में विवि को छात्रों के स्वास्थ्य की कोई चिंता नहीं हैं।
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पूर्व में यलो आर्मी छात्र संगठन, भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन, गोल्डन ब्वॉयज, ब्लू आर्मी आदि संगठनों के अलावा लमगड़ा और गुरुड़ाबाज के छात्रों ने भी मांगों को समर्थन दिया था। इस मौके पर पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सुनील सिंह, पूर्व महासचिव ललित सतवाल, पूर्व उपसचिव चंदन बहुगुणा, नीरज डंगवाल, पंकज फर्त्याल, मनोज कुमार, दीपक कनवाल, रजत मेहरा, राकेश भंडारी, नवल बिष्ट, गोपाल, भावना बिष्ट, नर्मिल रावत आदि मौजूद रहे।
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एसएसजे परिसर अल्मोड़ा में कोरोना काल में परीक्षा न करवाने, परीक्षा परिणामों में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए उन्हें सुधारने, छात्रों को प्रोन्नत करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर छात्रसंघ उपसचिव के नेतृत्व में छात्र सांकेतिक धरने पर बैठे थे।
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कई बार मांग पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी देने के बाद मंगलवार को छात्रसंघ उपसचिव दीपक तिवारी और एनएसयूआई के जिला सचिव विपुल कार्की आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। उपसचिव दीपक ने कहा कि लगातार सात दिनों से विभिन्न मांगों को लेकर धरना दिया जा रहा था। पर परिसर प्रशासन द्वारा छात्रों की मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। कोरोना काल में छात्रों की परीक्षा की तैयारियां की जा रही है। ऐसे माहौल में विवि को छात्रों के स्वास्थ्य की कोई चिंता नहीं हैं।
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पूर्व में यलो आर्मी छात्र संगठन, भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन, गोल्डन ब्वॉयज, ब्लू आर्मी आदि संगठनों के अलावा लमगड़ा और गुरुड़ाबाज के छात्रों ने भी मांगों को समर्थन दिया था। इस मौके पर पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सुनील सिंह, पूर्व महासचिव ललित सतवाल, पूर्व उपसचिव चंदन बहुगुणा, नीरज डंगवाल, पंकज फर्त्याल, मनोज कुमार, दीपक कनवाल, रजत मेहरा, राकेश भंडारी, नवल बिष्ट, गोपाल, भावना बिष्ट, नर्मिल रावत आदि मौजूद रहे।
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