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राज्य सरकार की तर्ज पर छावनी परिषद भी खत्म करे जल कर
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, रानीखेत (अल्मोड़ा)।
Updated Mon, 22 Feb 2016 12:51 AM IST
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छावनी परिषद की बैठक में राज्य सरकार की तर्ज पर छावनी क्षेत्र में भी जल कर समाप्त करने की मांग जोर-शोर से उठाई गई। तय हुआ कि आसपास की नगर पालिकाओं में जल कर समाप्ति के मानकों के आधार पर प्रस्ताव मध्य कमान को भेजा जाएगा। बैठक में लीज नवीनीकरण और दाखिल खारिज के मामले भी निस्तारित हुए।
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रविवार को परिषद के अध्यक्ष कुमाऊं रेजीमेंट केंद्र के कमांडेंट ब्रिगेडियर एके भुइंया की अध्यक्षता में हुई बोर्ड बैठक में सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं उठाईं। सभासदों के क्षेत्र में स्वीकृत नए विकास कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में कहा गया कि राज्य सरकार ने जल कर समाप्त कर दिया है, लेकिन छावनी क्षेत्र होने के कारण रानीखेत नगर के लोगों को यह टैक्स अभी देना पड़ता है।
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काफी विमर्श के बाद तय हुआ कि आसपास की नगर पालिकाओं से मानकों का पता कर इस प्रस्ताव को मध्य कमान को भेजा जाएगा। जिन भूमि और भवनों की लीज समाप्त हो चुकी है, बैठक में उनके नवीनीकरण की संस्तुति की गई। दाखिल खारिज के कई मामले निपटाए गए। बैठक में उपाध्यक्ष मोहन नेगी, सचिव सीईओ एमवीएन रेड्डी, सभासद भुवन आर्या, संजय पंत, विनोद कुमार, विंदु रौतेला, सुकृत शाह, अर्चना पाठक सहित तमाम लोग मौजूद थे।
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छावनी परिषद ने नगर में टेलीस्कोप (दूरबीन) स्थापित करने के लिए अपनी भूमि देने का निर्णय लिया है। बोर्ड की बैठक में भूमि का अनापत्ति प्रमाण पत्र दे दिया गया है। केएमवीएन द्वारा हिमालय दर्शन के लिए यहां टेलीस्कोप स्थापित करने की योजना है। टेलीस्कोप लगने से पर्यटन विकास की संभावनाएं मजबूत होंगी।