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योजनाओं के तहत आवंटित राशि तय समय में खर्च करें:वंदना
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अल्मोड़ा कलक्ट्रेट में अधिकारियों की बैठक लेती जिलाधिकारी वंदना सिंह।
- फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। जिलाधिकारी वंदना सिंह ने कलक्ट्रेट में विभिन्न विभागों द्वारा चलायी जा रही योजनाओं के संबंध में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक ली। उन्होंने लोक निर्माण, पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को जिला योजना, राज्य योजना, केंद्र पोषित योजनाओं के तहत आवंटित की गई धनराशि को तय समय में खर्च करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी निर्माणदायी संस्थाओं के अधिकारियों को निर्देश दिए कि संबंधित कनिष्ठ अभियंताओं को लगातार सड़कों का निरीक्षण के लिए निर्देश जारी करें। सड़कों की गुणवत्ता, उनको तय समय में पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने वन भूमि हस्तांतरण के मामलों में वन विभाग के अधिकारियों से आवश्यक समन्वय कर मामलों के निस्तारण करने के निर्देश दिए। कहा कि बांड की समय सीमा समाप्त होने के बाद भी मोटर मार्ग निर्माण कार्य समाप्त न करने वाले ठेकेदारों को चेतावनी जारी करते हुए जल्द कार्य पूर्ण कराने के प्रयास किए जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री के अंतर्गत योजनाओं को भी समय से पूर्ण करने, जिला स्तर से सभी प्रस्ताव समय से शासन को प्रेषित करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नवनीत पांडे समेत संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
असंगठित श्रमिकों का डाटाबेस तैयार कर पंजीकरण कराएं
अल्मोड़ा। असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा अधिनियम-2008 के तहत गठित जिला स्तरीय अनुश्रण समिति की बैठक में जिलाधिकारी वंदना सिंह ने संबंधित विभागों को उनके विभाग के तहत असंगठित श्रमिकों का डाटाबेस शीघ्र तैयार कर पंजीकरण कराने के निर्देश दिये। उन्होंने सहायक श्रमायुक्त को इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा।
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समिति के सदस्य सचिव और सहायक श्रमायुक्त उमेश चंद्र राय ने बताया कि भारत में कुल श्रमबल में 93 प्रतिशत असंगठित श्रमिकों का है। जिन्हें सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने के लिए उनका डाटाबेस तैयार किया जाना है। उन्होंने बताया कि 15 हजार से कम आय वाले ऐसे श्रमिक जिनकी आयु 14 वर्ष हो चुकी है तथा जो पीएफ, ईएसआई, ग्रेज्यूटी, कर्मचारी प्रतिकर, औद्योगिक विवाद अधिनियम के तहत नहीं आते हैं वे असंगठित कर्मकार की श्रेणी में शामिल होंगे। इसके अलावा 10 से कम कर्मचारी वाले प्रतिष्ठान भी असंगठित कर्मकार के रूप में शामिल होंगे। इसमें मनरेगा, आशा, भोजनमाता, ऑगनबाड़ी, रेहड़ी लगाने वाले, घरेलू श्रमिक, मत्स्य पालक, कृषि कर्मकार, छोटे दुकानदार आदि शामिल हैं। संवाद
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उन्होंने सभी निर्माणदायी संस्थाओं के अधिकारियों को निर्देश दिए कि संबंधित कनिष्ठ अभियंताओं को लगातार सड़कों का निरीक्षण के लिए निर्देश जारी करें। सड़कों की गुणवत्ता, उनको तय समय में पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने वन भूमि हस्तांतरण के मामलों में वन विभाग के अधिकारियों से आवश्यक समन्वय कर मामलों के निस्तारण करने के निर्देश दिए। कहा कि बांड की समय सीमा समाप्त होने के बाद भी मोटर मार्ग निर्माण कार्य समाप्त न करने वाले ठेकेदारों को चेतावनी जारी करते हुए जल्द कार्य पूर्ण कराने के प्रयास किए जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री के अंतर्गत योजनाओं को भी समय से पूर्ण करने, जिला स्तर से सभी प्रस्ताव समय से शासन को प्रेषित करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नवनीत पांडे समेत संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
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असंगठित श्रमिकों का डाटाबेस तैयार कर पंजीकरण कराएं
अल्मोड़ा। असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा अधिनियम-2008 के तहत गठित जिला स्तरीय अनुश्रण समिति की बैठक में जिलाधिकारी वंदना सिंह ने संबंधित विभागों को उनके विभाग के तहत असंगठित श्रमिकों का डाटाबेस शीघ्र तैयार कर पंजीकरण कराने के निर्देश दिये। उन्होंने सहायक श्रमायुक्त को इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा।
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समिति के सदस्य सचिव और सहायक श्रमायुक्त उमेश चंद्र राय ने बताया कि भारत में कुल श्रमबल में 93 प्रतिशत असंगठित श्रमिकों का है। जिन्हें सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने के लिए उनका डाटाबेस तैयार किया जाना है। उन्होंने बताया कि 15 हजार से कम आय वाले ऐसे श्रमिक जिनकी आयु 14 वर्ष हो चुकी है तथा जो पीएफ, ईएसआई, ग्रेज्यूटी, कर्मचारी प्रतिकर, औद्योगिक विवाद अधिनियम के तहत नहीं आते हैं वे असंगठित कर्मकार की श्रेणी में शामिल होंगे। इसके अलावा 10 से कम कर्मचारी वाले प्रतिष्ठान भी असंगठित कर्मकार के रूप में शामिल होंगे। इसमें मनरेगा, आशा, भोजनमाता, ऑगनबाड़ी, रेहड़ी लगाने वाले, घरेलू श्रमिक, मत्स्य पालक, कृषि कर्मकार, छोटे दुकानदार आदि शामिल हैं। संवाद