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जंगलों में सर्च और ड्रिल ऑपरेशन पर खास फोकस
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।
Updated Wed, 19 Sep 2018 10:18 PM IST
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टावर पर चढ़ने का अभ्यास करते सैनिक।
- फोटो : अमर उजाला
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चौबटिया में भारत-अमेरिका युद्धाभ्यास जारी है। पहले चरण में जहां सैनिकों का बौद्धिक सत्र चल रहा है, वहीं फील्ड ट्रेनिंग भी दी जा रही है। एक दिन पहले दोनों देशों के जांबाज अत्याधुनिक मारक क्षमता वाले हथियारों के संचालन के तौर तरीकों को भी साझा कर चुके हैं। अभ्यास में जंगलों में सर्च और ड्रिल ऑपरेशन पर खास फोकस किया जाएगा।
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युद्धाभ्यास में आईईडी हाथ से बनने वाले विस्फोटकों के तरीकों का आदान-प्रदान भी होगा। चौबटिया में कड़ी सुरक्षा के बीच इंडो-अमेरिका सैन्य युद्धाभ्यास को तीन दिन पूरे हो गए हैं। सुरक्षा की दृष्टि से हालांकि युद्धाभ्यास गोपनीय तरीके से चल रहा है, सैन्य सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार युद्धाभ्यास के पहला चरण शुरू हो गया है। आईईडी के तहत हस्तनिर्मित विस्फोटक सामग्री बनाने के तरीकों और हेलीकॉप्टर ड्रिल पर खास फोकस किए जाने की योजना है। इसके अलावा जंगलों में छिपकर बैठे आतंकवादियों की खोज के तरीके भी सिखाए जाएंगे। इन सभी गतिविधियों में भारतीय सेना को सबसे अधिक जानकार माना जाता है।
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