फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   Social Welfare Officer empty

समाज कल्याण अधिकारी का पद खाली

Thu, 21 Jan 2016 12:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा। Updated Thu, 21 Jan 2016 12:43 AM IST
विज्ञापन

 सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्रों तक पहुंचाने में समाज कल्याण विभाग की अहम भूमिका है। सरकार द्वारा संचालित करीब 30 से अधिक योजनाओं का क्रियान्वयन कर रहे विभाग के अल्मोड़ा कार्यालय में कार्मिकों का टोटा है। समाज कल्याण अधिकारी सहित पांच कार्मिकों के पद रिक्त हैं।

विज्ञापन


अमर उजाला की टीम ने विकास भवन स्थित समाज कल्याण कार्यालय की पड़ताल की। पूर्वाह्न करीब 11:30 बजे भैंसियाछाना ब्लॉक के डूंगरी गांव के पूर्व प्रधान पान सिंह कार्यालय के एक कक्ष में कार्मिकों से गांव के पात्र लाभार्थियों द्वारा जमा पेंशन आवेदनों में हुई कार्रवाई के बारे जानकारी ले रहे थे।
विज्ञापन


 12 बजे धौलादेवी ब्लॉक के गौली के रमेश चंद्र पहुंचे। उन्होंने बताया कि गांव निवासी सरस्वती देवी और जनार्दन पंत की वृद्धावस्था पेंशन की रकम लंबे समय से नहीं पहुंची है। कार्मिकों ने कंप्यूटर में बैंक खाता नंबर दर्ज कर उन्हें संबंधित खातों में जल्द पेंशन भेजने का आश्वासन दिया। 12:30 बजे तक समाज कल्याण अधिकारी कक्ष में नहीं पहुंचे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


बताया गया कि दिसंबर महीने में समाज कल्याण अधिकारी चंद्रा चौहान सेवानिवृत्त हो गई थीं। उनके स्थान पर अभी नए अधिकारी की नियुक्ति नहीं हुई है। परियोजना अधिकारी मो. असलम के पास ही समाज कल्याण अधिकारी का चार्ज है।

कार्मिकों ने बताया कि समाज कल्याण अधिकारी समेत प्रशासनिक अधिकारी, कनिष्ठ सहायक, वरिष्ठ सहायक, सहायक समाज कल्याण अधिकारी का एक-एक पद खाली है।

 विभाग द्वारा वृद्धा, विकलांग, विधवा, बौना, परित्यक्ता, तीलू रौतेली, शून्य से 19 वर्ष तक विकलांग पेंशन के अलावा राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ, अनुसूचित जाति, विधवा पुत्री के शादी, बीमारी अनुदान गौरा देवी कन्यां धन, अटल आवास, अनुसूचित जाति, पिछड़ी जाति, जनजाति के विद्यार्थियों को छात्रवृति समेत 28 योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।

इसके अलावा सीएम हरीश रावत की घोषणा के मुताबिक पुरोहित, डंगरिया, जगरिश, शकुन आंखर गाने वाली महिलाओं, पारंपरिक दाई का काम करने वाली महिलाओं को पेंशन चयन को सर्वे का काम भी चल रहा है।


विभाग द्वारा जिले में 43 हजार वृद्धों, पांच हजार विकलांगों और 12 हजार विधवाओं को पेंशन दी जा रही है। हर महीने अलग-अलग योजनाओं के लिए सैकड़ों आवेदन जमा होते हैं। शासन द्वारा समय-समय पर चलाई जाने वाली योजनाओं के संचालन का जिम्मेदारी भी सीमित कार्मिकों पर ही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed