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छह साल बीत गए लेकिन नहीं हुआ डामर
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डामरीकरण के अभाव में बदहाल बनी मनान-कलेत-ब्रह्मपोखरी-नाईढौल सड़क।
- फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा/सोमेश्वर। जिले के ग्रामीण इलाकों में कई स्थानों पर सड़कों का तो कई वर्ष पूर्व हो गया लेकिन उनप आज तक डामरीकरण नहीं हुआ है। कटान के छह साल बीतने के बाद भी सोमेश्वर के मनान-कलेत-ब्रह्मपोखरी-नाईढौल सड़क का कटान पर डामरीकरण नहीं होने से नौ गांवों की करीब चार हजार आबादी को यातायात सुविधा से वंचित है।
वर्ष 2013 में लोनिवि निर्माण खंड ने मनान से कलेत-ब्रह्मपोखरी-नाईढौल तक साढ़े पंद्रह किमी सड़क का कटान किया। इस सड़क के निर्माण का उद्देश्य ग्राम कलेत, खैरोकाट, भाटगाड़माफी, मैगड़ी, ब्रह्मपोखरी, नाईढौल, थपनियां, दूनी, सिलंग्मा को यातायात से जोड़ना है।
डामरीकरण नहीं होने के कारण इन गांवों के लोगों को सड़क कटान के बावजूद छह से सात किमी पैदल चलकर मनान पहुंचकर यातायात सुविधा मिलती है। यदि कोई व्यक्ति बीमार हो जाता है तो उसे अस्पताल पहुंचाने के लिए छोटे वाहन बुक करने पड़ते हैं। इसमें काफी पैसा खर्च होता है। ग्रामीण लंबे समय से शासन प्रशासन और लोनिवि से सड़क में डामरकीरण की मांग करते आ रहे हैं।
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सड़क का कटान तो हो गया है पर डामर नहीं हुआ है। इस कारण कच्ची सड़क में गड्ढे हो जाते हैं। इक्का दुक्का छोटी गाड़ियां चलती हैं, जिससे खतरा बना रहता है। छह से सात किमी पैदल चलना मजबूरी है। - महेंद्र सिंह अल्मियां, ग्राम पंचायत भाटगाड़माफी।
सड़क कटान होने के बाद डामर नहीं हुआ है। वाहन नहीं चलने से अब भी गाड़ी बुक करके लानी पड़ती है, जिसमें अधिक किराया चुकाना पड़ता है। जल्द से जल्द डामरीकरण कर यातायात सुविधा मिले।- सूरज सिंह अल्यिमां, बीडीसी सदस्य भाटनयालज्यूला।
जनप्रतिनिधि सड़क में डामरीकरण के लिए ध्यान नहीं दे रहे हैं। छह साल बाद भी डामरीकरण नहीं होना चिंताजनक है। लगातार डामरीकरण की मांग के बाद भी जनप्रतिनिधि और अधिकारी सुध नहीं ले रहे हैं। - हरीश सिंह अल्मियां, ग्राम पंचायत भाटगाड़माफी।
आज भी लोगों के लिए आठ से दस किमी पैदल चलना मजबूरी है। खासकर वृद्धों, बीमार व्यक्तियों और महिलाओं को मनान तक पैदल चलकर यातायात सुविधा मिलती है। पैदल काफी समय लगता है। - प्रताप सिंह भोज, ग्राम पंचायत मैगड़ी
सड़क के लिए 10.44 करोड़ रुपये स्वीकृत हैं। सड़क में सितंबर 2019 से सोलिंग का काम शुरू कर दिया गया है। निर्धारित समय डेढ़ साल के भीतर मार्च 2021 तक सड़क में डामरीकरण का काम पूरा कर लिया जाएगा। - तुला राम, असिस्टेंड इंजीनियर, लोनिवि पीएमजीएसवाई, अल्मोड़ा।
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वर्ष 2013 में लोनिवि निर्माण खंड ने मनान से कलेत-ब्रह्मपोखरी-नाईढौल तक साढ़े पंद्रह किमी सड़क का कटान किया। इस सड़क के निर्माण का उद्देश्य ग्राम कलेत, खैरोकाट, भाटगाड़माफी, मैगड़ी, ब्रह्मपोखरी, नाईढौल, थपनियां, दूनी, सिलंग्मा को यातायात से जोड़ना है।
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डामरीकरण नहीं होने के कारण इन गांवों के लोगों को सड़क कटान के बावजूद छह से सात किमी पैदल चलकर मनान पहुंचकर यातायात सुविधा मिलती है। यदि कोई व्यक्ति बीमार हो जाता है तो उसे अस्पताल पहुंचाने के लिए छोटे वाहन बुक करने पड़ते हैं। इसमें काफी पैसा खर्च होता है। ग्रामीण लंबे समय से शासन प्रशासन और लोनिवि से सड़क में डामरकीरण की मांग करते आ रहे हैं।
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सड़क का कटान तो हो गया है पर डामर नहीं हुआ है। इस कारण कच्ची सड़क में गड्ढे हो जाते हैं। इक्का दुक्का छोटी गाड़ियां चलती हैं, जिससे खतरा बना रहता है। छह से सात किमी पैदल चलना मजबूरी है। - महेंद्र सिंह अल्मियां, ग्राम पंचायत भाटगाड़माफी।
सड़क कटान होने के बाद डामर नहीं हुआ है। वाहन नहीं चलने से अब भी गाड़ी बुक करके लानी पड़ती है, जिसमें अधिक किराया चुकाना पड़ता है। जल्द से जल्द डामरीकरण कर यातायात सुविधा मिले।- सूरज सिंह अल्यिमां, बीडीसी सदस्य भाटनयालज्यूला।
जनप्रतिनिधि सड़क में डामरीकरण के लिए ध्यान नहीं दे रहे हैं। छह साल बाद भी डामरीकरण नहीं होना चिंताजनक है। लगातार डामरीकरण की मांग के बाद भी जनप्रतिनिधि और अधिकारी सुध नहीं ले रहे हैं। - हरीश सिंह अल्मियां, ग्राम पंचायत भाटगाड़माफी।
आज भी लोगों के लिए आठ से दस किमी पैदल चलना मजबूरी है। खासकर वृद्धों, बीमार व्यक्तियों और महिलाओं को मनान तक पैदल चलकर यातायात सुविधा मिलती है। पैदल काफी समय लगता है। - प्रताप सिंह भोज, ग्राम पंचायत मैगड़ी
सड़क के लिए 10.44 करोड़ रुपये स्वीकृत हैं। सड़क में सितंबर 2019 से सोलिंग का काम शुरू कर दिया गया है। निर्धारित समय डेढ़ साल के भीतर मार्च 2021 तक सड़क में डामरीकरण का काम पूरा कर लिया जाएगा। - तुला राम, असिस्टेंड इंजीनियर, लोनिवि पीएमजीएसवाई, अल्मोड़ा।