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Almora News: गुपचुप तरीके से देहरादून संग्रहालय में भेजी दुर्लभ धरोहरों की उच्चस्तरीय जांच की मांग की
Sat, 08 Jul 2023 12:16 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Sat, 08 Jul 2023 12:16 AM IST
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अल्मोड़ा। जन अधिकार मंच के संयोजक त्रिलोचन जोशी ने मालरोड स्थित पंडित गोविंद बल्लभ पंत संग्रहालय को गुपचुप तरीके से देहरादून स्थित प्रदेश संग्रहालय में भेजने की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
उन्होेंने जल्द संग्रहालय से देहरादून भेजी गई दुर्लभ धरोहरों को वापस संग्रहालय में स्थापित न करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। प्रेस को जारी बयान में जोशी ने कहा कि संग्रहालय में बेशकीमती और दुर्लभ धरोहरों के साथ ही 3000 के करीब महत्वपूर्ण कलाकृतियों को रातों रात देहरादून भेजकर ऐतिहासिक संग्रहालय को खत्म करने का बड़ा षड्यंत्र किया जा रहा हैं। संग्रहालय में जिले के लगभग पांच सौ साल के दुर्लभ इतिहास, मुगलकाल से लेकर कत्यूर, चंद वंश समेत स्वतंत्रता संग्राम के महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सहेज कर रखा गया है। इन्हें देखने के लिए पर्यटकों समेत शोधार्थी, विद्यार्थी आते हैं।
उन्होंने महत्वपूर्ण धरोहरों को समाप्त करने के षड्यंत्र को लोगों के हितों के साथ बड़ा कुठाराघात बताया। मंच के वरिष्ठ परामर्शदाता मनोज सनवाल ने कहा कि इस बड़े षड्यंत्र को मुख्यमंत्री के समक्ष रख कर संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की जाएगी। मंच के वरिष्ठ अधिवक्ता केवल सती ने कहा कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कर संग्रहालय से जो भी विरासत देहरादून भेजी गई है। उन धरोहरों वापस लाने के लिए जन अधिकार मंच संघर्ष करेगा।
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देहरादून में सात से 10 जुलाई तक आयाेजित प्रदर्शनी का उद्घाटन शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। चार दिनों तक आयोजित प्रदर्शनी में संग्रहालय की धरोहरों को भेजा गया है। प्रदर्शनी के समाप्त होेने के बाद सभी दुर्लभ धरोहरों को वापस संग्रहालय में रखा जाएगा। - डॉ. चंद्र सिंह चौहान, क्षेत्रीय पुरातत्व व राजकीय संग्रहालय अधिकारी, अल्मोड़ा।
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उन्होेंने जल्द संग्रहालय से देहरादून भेजी गई दुर्लभ धरोहरों को वापस संग्रहालय में स्थापित न करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। प्रेस को जारी बयान में जोशी ने कहा कि संग्रहालय में बेशकीमती और दुर्लभ धरोहरों के साथ ही 3000 के करीब महत्वपूर्ण कलाकृतियों को रातों रात देहरादून भेजकर ऐतिहासिक संग्रहालय को खत्म करने का बड़ा षड्यंत्र किया जा रहा हैं। संग्रहालय में जिले के लगभग पांच सौ साल के दुर्लभ इतिहास, मुगलकाल से लेकर कत्यूर, चंद वंश समेत स्वतंत्रता संग्राम के महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सहेज कर रखा गया है। इन्हें देखने के लिए पर्यटकों समेत शोधार्थी, विद्यार्थी आते हैं।
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उन्होंने महत्वपूर्ण धरोहरों को समाप्त करने के षड्यंत्र को लोगों के हितों के साथ बड़ा कुठाराघात बताया। मंच के वरिष्ठ परामर्शदाता मनोज सनवाल ने कहा कि इस बड़े षड्यंत्र को मुख्यमंत्री के समक्ष रख कर संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की जाएगी। मंच के वरिष्ठ अधिवक्ता केवल सती ने कहा कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कर संग्रहालय से जो भी विरासत देहरादून भेजी गई है। उन धरोहरों वापस लाने के लिए जन अधिकार मंच संघर्ष करेगा।
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देहरादून में सात से 10 जुलाई तक आयाेजित प्रदर्शनी का उद्घाटन शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। चार दिनों तक आयोजित प्रदर्शनी में संग्रहालय की धरोहरों को भेजा गया है। प्रदर्शनी के समाप्त होेने के बाद सभी दुर्लभ धरोहरों को वापस संग्रहालय में रखा जाएगा। - डॉ. चंद्र सिंह चौहान, क्षेत्रीय पुरातत्व व राजकीय संग्रहालय अधिकारी, अल्मोड़ा।