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प्रसिद्ध लोक गायिका कबूतरी के निधन से संगीत जगत में छाया शोक
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।
Updated Sat, 07 Jul 2018 11:27 PM IST
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2003 में रैनजे इंटर कॉलेज अल्मोड़ा में कार्यक्रम प्रस्तुत करतीं कबूतरी देवी।
- फोटो : अमर उजाला
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70 के दशक में आकाशवाणी के नजीबाबाद और लखनऊ केंद्रों से अपनी आवाज से श्रोताओं के दिलों में राज करने वाली उत्तराखंड की पहली महिला लोक गायिका कबूतरी देवी के निधन से संगीत जगत में शोक छा गया है। पहाड़ो को ठंडो पाणि कि भलि मीठी वाणी... गीत से अपनी पहचान बनाने वाली कबूतरी देवी की आवाज अब कभी सुनाई नहीं देगी। मधुर आवाज की धनी कबूतरी देवी को उत्तराखंड की तीजनबाई के नाम से भी जाना जाता था।
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संस्कार सांस्कृतिक एवं पर्यावरण संरक्षण समिति के सचिव प्रकाश बिष्ट ने उनके निधन पर शोक जताते हुए कहा कि कबूतरी देवी को ऋतुरैण गाने में महारत हासिल थी। वह उत्तराखंड की पहली महिला लोक गायिका थीं। उन्होंने बताया कि 70 के दशक में कबूतरी देवी के आकाशवाणी लखनऊ और नजीबाबाद केंद्रों से गीत प्रसारित हुए तो उन्होंने धूम मचा दी थी। पहाड़ो को ठंडो पाणि कि भलि मीठी वाणी... गीत से कबूतरी ने अपनी विशेष पहचान बनाई। उनकी आवाज में इतनी मिठास थी कि लोग उन्हें तीजनबाई के नाम से भी पुकारते थे। समिति कार्यालय में हुई शोकसभा में कबूतरी देवी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
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शोकसभा में प्रकाश बिष्ट, महिपाल मेहता, नवीन चंद्र, तारा जोशी, नरेंद्र प्रसाद, संतोष कुमार, सागर बिष्ट, विनोद कुमार, पारस बिष्ट, नीरज चौहान, कमलेश कुमार, हर्ष टम्टा, पूरन रौतेला, कुंदन कनवाल, गिरीश जोशी, नेहा सिजवाली, प्रियंका आर्या, अंजलि, हिमानी, सौम्या, सुहाना, पूजा आदि मौजूद थे।
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वरिष्ठ रंगकर्मी और हुक्का क्लब से सचिव शिवचरण पांडे ने भी उनके निधन को अपूर्णनीय क्षति बताया है। रंगकर्मी नवीन बिष्ट ने कहा कि कबूतरी देवी के निधन से एक युग का अंत हो गया है। उनकी गायकी की एक अलग पहचान थी।
उनके निधन पर विमला बोरा, नारायण थापा, संतोष चंद्र, नारायण थापा ने शोक जताया है। उधर देवभूमि मां शारदे लोक कला समिति की शोकसभा में समिति के निदेशक गोपाल सिंह चम्याल, दयानंद कठैत, वनिता बोरा, रेखा चम्याल, चंपा सुयाल, राजेंद्र चम्याल, विनोद कुमार, त्रिलोक कुमार आदि मौजूद थे। दिशा परिवार तथा जन अधिकार मंच की शोक सभा में मनमोहन चौधरी, आलोक वर्मा, भास्कर साह, नवीन बिष्ट, नवीन कांडपाल, सुदर्शन लाल साह, गोकुल बिष्ट, प्रकाश बिष्ट, गिरीश धवन, दीवन कनवाल, महिपाल मेहता आदि मौजूद थे।